नए शैक्षणिक सत्र से पहले स्कूल बसों की फिटनेस और सुरक्षा जांच के साथ चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण



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पब्लिक स्वर,जशपुर। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जशपुर में रविवार को विशेष स्कूल बस जांच एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। यातायात पुलिस, परिवहन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने रक्षित केंद्र जशपुर में विभिन्न स्कूलों की 15 बसों का निरीक्षण कर उनकी तकनीकी और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की पड़ताल की।

यह अभियान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में चलाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूल वाहनों की फिटनेस सुनिश्चित करना और बच्चों के सुरक्षित परिवहन के लिए आवश्यक मानकों का पालन करवाना था।

दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की हुई जांच

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बसों के पंजीयन प्रमाण पत्र, परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसी), रोड टैक्स तथा चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की बारीकी से जांच की। साथ ही यह भी देखा गया कि वाहन निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित हो रहे हैं या नहीं। संयुक्त टीम ने बसों में मौजूद सुरक्षा सुविधाओं का भी परीक्षण किया। जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, स्पीड गवर्नर, आपातकालीन खिड़की, फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्र जैसी व्यवस्थाओं की उपलब्धता और कार्यक्षमता की जांच की गई।

चालकों और परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण

सड़क सुरक्षा में चालक की शारीरिक और मानसिक फिटनेस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बस चालकों और परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान आंखों की जांच, ब्लड प्रेशर (बीपी) और शुगर टेस्ट किए गए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वाहन चालक सुरक्षित रूप से बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने में सक्षम हैं।

तकनीकी फिटनेस पर विशेष फोकस

पुलिस की वाहन शाखा ने बसों के हेडलाइट, ब्रेक लाइट, स्टीयरिंग सिस्टम, टायर, क्लच, एक्सीलेटर, सीटों की स्थिति, हॉर्न और रिफ्लेक्टर सहित अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल बसों की तकनीकी खामियां दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन सकती हैं, इसलिए नियमित निरीक्षण बेहद जरूरी है।

आपदा प्रबंधन और सुरक्षा की दी गई जानकारी

अभियान के दौरान अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा तथा नगर सेना के जवानों ने स्कूल वाहन चालकों और परिचालकों को आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव कार्य, आग लगने की स्थिति में प्राथमिक प्रतिक्रिया और बच्चों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।

नियमों के पालन के निर्देश

यातायात पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों ने चालकों और परिचालकों को यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने, नशामुक्त रहकर वाहन चलाने तथा बच्चों को सुरक्षित तरीके से बस में चढ़ाने और उतारने के निर्देश दिए।

बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जिले में समय-समय पर स्कूल वाहनों की जांच, जागरूकता कार्यक्रम और सुरक्षा अभियान संचालित किए जाते हैं, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके।



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