पब्लिक स्वर,रायगढ़। रायगढ़ जिले के तहसील कार्यालय परिसर में सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब जमीन संबंधी काम से पहुंचे एक रिटायर्ड शिक्षक की अचानक तबीयत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों और अधिकारियों ने तत्काल मदद पहुंचाई, लेकिन अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। घटना के बाद तहसील कार्यालय परिसर में शोक का माहौल बन गया।
मिली जानकारी के अनुसार, कोतरा रोड थाना क्षेत्र के उच्चभिट्टी निवासी जवाहर लाल चौधरी (71) पेशे से रिटायर्ड शिक्षक थे। सोमवार को वे अपने जमीन से जुड़े कार्य के सिलसिले में रायगढ़ तहसील कार्यालय पहुंचे हुए थे। बताया जा रहा है कि वे रजिस्ट्री ऑफिस के पास से गुजर रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े।
घटना को देखते ही आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें संभाला और अधिकारियों को सूचना दी। कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए अपने वाहन से उन्हें जिला अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था की। हालांकि हालत गंभीर होने के कारण अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई।प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि उन्हें हार्ट अटैक या अचानक स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या हुई होगी। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि चिकित्सकीय जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
घटना ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में आने वाले बुजुर्ग नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की जरूरत को सामने ला दिया है। तहसील और कलेक्ट्रेट जैसे कार्यालयों में रोजाना बड़ी संख्या में बुजुर्ग लोग दस्तावेजी और जमीन संबंधी कार्यों के लिए पहुंचते हैं, लेकिन अधिकांश जगहों पर प्राथमिक चिकित्सा और त्वरित स्वास्थ्य सहायता की समुचित व्यवस्था नहीं होती। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भीड़भाड़ वाले सरकारी परिसरों में प्राथमिक उपचार केंद्र, व्हीलचेयर और इमरजेंसी मेडिकल सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं में समय रहते मदद मिल सके।

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