पब्लिक स्वर,बचेली। दंतेवाड़ा जिले के बचेली नगर में रविवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए टेलिंग डैम के संवेदनशील और खतरे वाले क्षेत्र में बने 10 परिवारों के मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। आईआईटी मुंबई की रिपोर्ट में क्षेत्र को जोखिमपूर्ण बताए जाने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया।
कार्रवाई नगर के वार्ड क्रमांक 08 में की गई, जहां वर्षों से रह रहे परिवारों को पहले नोटिस जारी कर मकान खाली करने के निर्देश दिए गए थे। प्रशासनिक अमले, पुलिस बल और नगर पालिका की मौजूदगी में सुबह से शुरू हुई कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों का सामान हटवाया गया और बाद में बुलडोजर चलाकर मकानों को जमींदोज कर दिया गया।
प्रशासन का कहना है कि टेलिंग डैम के कुछ हिस्सों की स्थिति को लेकर विशेषज्ञों ने खतरे की आशंका जताई थी। संभावित दुर्घटना से जनहानि रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। फिलहाल सभी परिवारों को अस्थायी आश्रय स्थल में रखा गया है तथा उनके पुनर्वास और मुआवजा प्रक्रिया पर कार्य किया जा रहा है।
हालांकि कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों में नाराजगी भी देखने को मिली। उनका आरोप है कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया और वर्षों से बसे घरों को अचानक तोड़ दिया गया। कई परिवारों ने प्रशासन से स्थायी पुनर्वास, उचित मुआवजा और मूलभूत सुविधाओं की मांग की है।
कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा, लेकिन पुलिस और प्रशासन की सतर्कता से स्थिति नियंत्रण में रही। प्रशासन का कहना है कि यह कदम पूरी तरह सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है और प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
बड़ी बात
टेलिंग डैम के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी, लेकिन उजड़े परिवार अब सम्मानजनक पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर प्रशासन की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं।
जोगी जनता कांग्रेस के नवनीत चांद ने कार्यवाही को प्रशासनिक तानाशाही बताया साथ ये भी आरोप लगाए की एनएमडीसी के लिए जगह ख़ाली करवाने का काम किया गया है। रही बात जाँच रिपोर्ट की तो वो सार्वजनिक की जानी चाहिए। जमीन वनविभाग की है परेशानी वनविभाग को होनी चाहिए ना की एनएमडीसी और स्थानीय प्रशासन को जब नोटिस बीटीओ सहित काठमांडू विस्थापन बिल्डिंग तक को दी गई थी तो कार्यवाही सिर्फ इन दस घरों में ही क्यो हम कार्यवाही के ख़िलाफ़ माननीय न्यायालय की शरण में जाएँगे।

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