पब्लिक स्वर,बिलासपुर। शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने कोनी (सेंदरी)-मोपका बायपास सड़क परियोजना के लिए 75 करोड़ 73 लाख रुपये की निविदा को मंजूरी दे दी है। इस राशि से 13.40 किलोमीटर लंबी फोरलेन सीमेंट कंक्रीट सड़क का निर्माण किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग के बिलासपुर संभाग क्रमांक-1 के कार्यपालन अभियंता को परियोजना का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और सभी कार्य विभागीय मानकों एवं तकनीकी मापदंडों के अनुरूप किए जाएं।
शहर के ट्रैफिक दबाव को मिलेगा राहत
कोनी (सेंदरी) से मोपका तक प्रस्तावित यह फोरलेन बायपास सड़क बिलासपुर के शहरी और उपनगरीय क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करेगी। सड़क बनने के बाद भारी वाहनों और स्थानीय यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की संभावना है।
गुणवत्ता और निगरानी पर रहेगा विशेष फोकस
लोक निर्माण विभाग ने कार्यपालन अभियंता को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य का निष्पादन और पर्यवेक्षण विभागीय नियमों एवं गुणवत्ता मानकों के अनुसार सुनिश्चित किया जाए। परियोजना की निगरानी के दौरान तकनीकी गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
राज्य शासन ने परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी निर्धारित की हैं— निर्माण कार्य किसी अन्य एजेंसी या व्यक्ति को सब-लेट (Sub-let) नहीं किया जा सकेगा। कार्य संपादन के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी मान्य नहीं होगी। अनुबंध से पहले ठेकेदार को एडिशनल परफॉर्मेंस सिक्योरिटी (APS) के रूप में निर्धारित राशि की एफडीआर (Fixed Deposit Receipt) जमा करनी होगी। निर्माण कार्य की जवाबदेही सीधे अनुबंधित एजेंसी की होगी।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस बायपास सड़क के निर्माण से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों और शहरी विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से आवागमन आसान होगा और भविष्य में क्षेत्र के आवासीय एवं व्यावसायिक विस्तार को भी समर्थन मिलेगा।

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