पब्लिक स्वर,गरियाबंद। गरियाबंद जिले के राजा पड़ाव क्षेत्र में वर्षों से लंबित बिजली समस्या को लेकर ग्रामीणों ने अनोखा और गंभीर प्रतीकात्मक कदम उठाया है। कोकड़ी, गरहाडीह, गौरगांव, भूतबेड़ा, कुचेंगा सहित आठ पंचायतों के 48 गांवों और आश्रित पाराटोलों के लगभग 500 ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) को संबोधित पत्र अपने रक्त से लिखे। यह कार्यक्रम अड़गड़ी गौठान स्थल पर जय अंबेडकरवादी युवा संगठन और किसान संघर्ष समिति राजा पड़ाव क्षेत्र के बैनर तले आयोजित किया गया।
वर्षों से लंबित बिजली समस्या का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से बिजली की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिला है। उनके अनुसार, क्षेत्र में विद्युतीकरण कार्य इसलिए प्रभावित है क्योंकि यह इलाका अभ्यारण्य क्षेत्र के दायरे में आता है, जिसके कारण NTCA की अनापत्ति आवश्यक बताई गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के अनुसार, इस मुद्दे को कई बार प्रशासन और समाधान शिविरों में उठाया गया, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
प्रशासनिक स्तर पर स्थिति
जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने बताया कि सुशासन तिहार के समाधान शिविर में भी यह मामला रखा गया था। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को बताया गया कि वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र होने के कारण NTCA की मंजूरी के बिना विद्युतीकरण संभव नहीं है, और अंतिम निर्णय केंद्र स्तर पर लिया जाना है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनवरी 2026 में जिला प्रशासन द्वारा छह माह में विद्युतीकरण पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन तय समयसीमा बीतने के बावजूद कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
रक्त से पत्र लिखने का प्रतीकात्मक कदम
आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन किसी विरोध के बजाय मांग को अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का प्रतीकात्मक तरीका है। कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक ग्रामीण के लिए अलग सिंगल-यूज सिरिंज का उपयोग किया गया और सुरक्षा मानकों का पालन करने का दावा किया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई वर्षों में सामान्य स्याही से पत्राचार, ज्ञापन और धरना-प्रदर्शन किए गए, लेकिन समाधान नहीं निकल सका, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।

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