पब्लिक स्वर,कोरबा। कटघोरा थाना क्षेत्र के छुरी स्थित प्रसिद्ध गणेश तालाब में सफाई अभियान के दौरान सोमवार को दर्दनाक हादसा हो गया। तालाब में जलकुंभी हटाने उतरे एक मजदूर की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 50 वर्षीय श्यामलाल सारथी के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है, वहीं सफाई कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर कई सवाल भी खड़े हो गए हैं।
तालाब की सफाई के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, छुरी गणेश तालाब में फैली जलकुंभी और गंदगी को हटाने के लिए पंचायत की ओर से सफाई कार्य कराया जा रहा था। यह काम ठेके पर दिया गया था। सोमवार को श्यामलाल सारथी अपने पांच अन्य साथियों के साथ तालाब में उतरकर सफाई कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सफाई करते-करते श्यामलाल तालाब के बीच वाले हिस्से तक पहुंच गया, जहां जलकुंभी और कीचड़ की परत काफी घनी थी। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह फिसलकर गहरे पानी में चला गया। बताया जा रहा है कि जलकुंभी और कीचड़ में उलझने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका।
साथियों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन नहीं बच सकी जान
हादसा होते ही मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तालाब की गहराई, फिसलन और घनी जलकुंभी के कारण वे सफल नहीं हो सके। कुछ ही पलों में श्यामलाल पानी में डूब गया। इसके बाद मजदूरों ने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया और पुलिस को सूचना दी।
दो घंटे की मशक्कत के बाद मिला शव
सूचना मिलने पर कटघोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोरबा से गोताखोरों की टीम बुलाई गई। गोताखोरों ने करीब दो घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके बाद तालाब के बीच हिस्से से श्यामलाल का शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा इंतजामों पर उठ रहे सवाल
घटना के बाद ग्रामीणों ने सफाई कार्य में बरती गई कथित लापरवाही पर नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि मजदूरों को बिना लाइफ जैकेट, सुरक्षा रस्सी और अन्य बचाव उपकरणों के तालाब में उतार दिया गया था। यदि आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था होती, तो शायद इस हादसे को टाला जा सकता था। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ठेकेदार और पंचायत से जुड़े जिम्मेदार लोगों से पूछताछ कर रही है कि सफाई कार्य के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं।
जांच के दायरे में ठेकेदार और पंचायत
प्राथमिक जांच में यह पहलू भी सामने आया है कि तालाब जैसे जलाशय में सफाई कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी होती है। ऐसे कार्यों में लाइफ जैकेट, सुरक्षा रस्सी, निगरानी टीम और आपातकालीन बचाव व्यवस्था अनिवार्य मानी जाती है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी और यदि ऐसा पाया जाता है तो जिम्मेदारों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

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