पब्लिक स्वर,रायपुर। केंद्रीय जेल रायपुर में महिला कैदी द्वारा आत्महत्या के प्रयास का मामला सामने आने के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। महिला प्रकोष्ठ में बंद आशिमा राव ने कथित रूप से अपनी कलाई और गले पर वार कर खुदकुशी की कोशिश की, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। जानकारी के मुताबिक, उसके हाथ में आठ टांके लगाए गए हैं।
बताया जा रहा है कि यह घटना करीब पांच दिन पहले हुई थी, लेकिन इसकी जानकारी देर से सामने आई, जिससे पूरे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है। आशिमा राव पिछले लगभग छह महीनों से एक मारपीट के मामले में जेल में बंद थी।
मामले में सबसे गंभीर आरोप महिला कैदी द्वारा अपने परिजनों को लिखी गई चिट्ठी में सामने आए हैं। इसमें उसने आरोप लगाया है कि जेल में “चेकिंग” के नाम पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उसके निजी अंगों को छूने और अन्य कैदियों के सामने अपमानित करने जैसी बातें सामने आई हैं। खास बात यह है कि यह आरोप एक महिला अधिकारी पर ही लगाए गए हैं।
बताया जा रहा है कि इस कथित प्रताड़ना और मानसिक दबाव के चलते महिला ने आत्महत्या जैसा कदम उठाने की कोशिश की। घटना की जानकारी मिलते ही शुक्रवार को परिजनों की भीड़ जेल के बाहर जमा हो गई और उन्होंने आक्रोश जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
फिलहाल, इस मामले में जेल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। घटना ने एक बार फिर जेल के भीतर कैदियों की सुरक्षा, व्यवहार और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

User 1









