संगीता सिन्हा बनीं छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की प्रभारी अध्यक्ष



post

पब्लिक स्वर,रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में महिला कांग्रेस संगठन को लेकर चल रहा अंदरूनी समीकरण अब साफ हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले खेमे की नेता और संजारी बालोद से विधायक संगीता सिन्हा को छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस का प्रभारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के साथ ही इस नियुक्ति पर अंतिम मुहर लग गई है।

यह नियुक्ति केवल एक संगठनात्मक फैसला नहीं, बल्कि प्रदेश कांग्रेस के भीतर चल रहे शक्ति संतुलन का संकेत भी मानी जा रही है। पिछले कुछ महीनों से महिला कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व को लेकर जिस तरह की खींचतान चल रही थी, उसमें कई वरिष्ठ महिला नेताओं ने अपनी दावेदारी पेश की थी। जनवरी में दिल्ली में आयोजित चयन प्रक्रिया के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा की मौजूदगी में पांच प्रमुख नाम सामने आए थे—अनिला भेड़िया, संगीता सिन्हा, छन्नी साहू, ममता चंद्राकर और तुलिका कर्मा। इस इंटरव्यू प्रक्रिया के बाद मामला दो प्रमुख दावेदारों—संगीता सिन्हा और छन्नी साहू—के बीच सिमट गया था।

संगठन के भीतर भी इस मुद्दे पर स्पष्ट विभाजन देखने को मिला। एक वर्ग जहां छन्नी साहू के पक्ष में खड़ा था, वहीं दूसरा मजबूत धड़ा भूपेश बघेल के प्रभाव वाले नेतृत्व के साथ संगीता सिन्हा को आगे बढ़ाने के पक्ष में था। अंततः हाईकमान ने संगीता सिन्हा के नाम पर सहमति जताते हुए उन्हें जिम्मेदारी सौंपी।

राजनीतिक विश्लेषण के नजरिए से देखें तो यह फैसला कई संकेत देता है। पहला, प्रदेश कांग्रेस में अभी भी भूपेश बघेल का प्रभाव संगठनात्मक स्तर पर कायम है। दूसरा, महिला कांग्रेस जैसे महत्वपूर्ण फ्रंटल संगठन में नेतृत्व चयन के जरिए पार्टी आगामी चुनावी रणनीति को साधने की कोशिश कर रही है, जहां महिला वोट बैंक को संगठित करना अहम होगा।

संगीता सिन्हा के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती संगठन को एकजुट करना और गुटबाजी के असर को कम करना होगी। छन्नी साहू समर्थक खेमे को साधना और महिला कांग्रेस को जमीनी स्तर पर सक्रिय बनाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। इसके अलावा, उन्हें पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को महिला वर्ग तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।

कुल मिलाकर, यह नियुक्ति केवल एक पद भरने का मामला नहीं है, बल्कि इसके जरिए कांग्रेस ने प्रदेश में अपने संगठनात्मक ढांचे को संतुलित करने और राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि संगीता सिन्हा इस भूमिका में किस तरह संगठन को मजबूती देती हैं और आंतरिक चुनौतियों से कैसे निपटती हैं।



PUBLICSWARNEWS CGNEWS CGPOLICENEWS RAIPURNEWS SANGITASINHANEWS SANGITASHINHABANICHHATTISHGARHMAHILACONGRSSKIPRABHARIADHAKCHNEWS MAHILACONGRESSKIPRABHARIADHYAKCHNEWS

You might also like!


RAIPUR WEATHER