पब्लिक स्वर,दुर्ग। दुर्ग जिले के नंदिनी क्षेत्र स्थित जेके लक्ष्मी सीमेंट माइंस में काम के दौरान एक श्रमिक की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। मुआवजे की मांग पूरी नहीं होने तक परिजन पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं हैं, जिससे मामला संवेदनशील हो गया है।
मृतक की पहचान सेमरिया गिरहोला गांव निवासी 56 वर्षीय छन्नू लाल देवांगन के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार छन्नू लाल पिछले करीब 15 वर्षों से ठेकेदार के माध्यम से जेके लक्ष्मी सीमेंट माइंस में कार्यरत थे और परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे।
ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत
परिजनों ने बताया कि 4 जून की सुबह करीब 8:30 बजे छन्नू लाल रोजाना की तरह काम पर पहुंचे थे। दोपहर लगभग 12 बजे माइंस क्षेत्र में काम करते समय उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन उनकी स्थिति लगातार खराब होती गई। परिजनों का आरोप है कि घटना की सूचना उन्हें करीब दो घंटे बाद, दोपहर लगभग 2 बजे दी गई। उनका कहना है कि यदि तत्काल चिकित्सकीय सहायता और प्राथमिक उपचार की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध होती, तो संभवतः उनकी जान बचाई जा सकती थी।
इलाज में देरी का आरोप
परिवार का आरोप है कि माइंस परिसर में प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। छन्नू लाल को पहले करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित जेके लक्ष्मी सीमेंट अस्पताल ले जाया गया। वहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए भिलाई के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
50 लाख मुआवजे की मांग
मृतक के पुत्र जितेंद्र देवांगन ने कंपनी प्रबंधन से 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि उनके पिता लंबे समय से कंपनी में कार्यरत थे और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनकी मौत के बाद परिवार आर्थिक संकट की स्थिति में पहुंच गया है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद कंपनी का कोई जिम्मेदार अधिकारी मर्चुरी तक नहीं पहुंचा, जिससे परिवार की नाराजगी और बढ़ गई।
पोस्टमार्टम पर बना गतिरोध
मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत जारी है। परिजन मांग पूरी होने तक पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में प्रशासन मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास कर रहा है।
प्रशासन और पुलिस की नजर
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने बताया कि नंदिनी क्षेत्र स्थित माइंस में एक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं परिजनों और कंपनी प्रबंधन के बीच मुआवजे को लेकर चर्चा जारी है। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर मौत की वजह स्पष्ट नहीं है और जांच के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।

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