पब्लिक स्वर,दुर्ग। दुर्ग जिले के भिलाई स्थित खुर्सीपार थाना क्षेत्र में एक तीन माह की गर्भवती नवविवाहिता द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। वार्ड-48 मिलावट पारा कैनाल रोड निवासी 21 वर्षीय विजय लक्ष्मी साहू उर्फ पायल गुरुवार रात अपने कमरे में फांसी के फंदे पर लटकी मिली। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और स्तब्धता का माहौल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है।
रात तक सब कुछ सामान्य, फिर अचानक सामने आई दर्दनाक घटना
परिजनों के मुताबिक गुरुवार शाम तक घर का माहौल पूरी तरह सामान्य था। मृतका की मां उससे मिलने घर आई थीं और रात करीब साढ़े आठ बजे वापस लौट गईं। उस दौरान विजय लक्ष्मी रसोई का काम कर रही थी और परिवार के लोगों से सामान्य बातचीत भी कर रही थी।
बताया गया कि रात करीब नौ बजे उसने अपने ससुर से कहा कि वह पांच मिनट में कमरे से बाहर आ जाएगी। लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं आने पर परिजनों को चिंता हुई। रात करीब 10 बजे जब परिवार के लोगों ने आवाज लगाई और कोई जवाब नहीं मिला तो कमरे की जांच की गई। दरवाजा अंदर से बंद नहीं था। कमरे में पहुंचने पर विजय लक्ष्मी फांसी के फंदे पर लटकी मिली।
जानकारी के अनुसार विजय लक्ष्मी ने शुभम प्रधान से प्रेम विवाह किया था। दोनों ने आर्य समाज में शादी की थी। शुरुआत में इस रिश्ते को लेकर लड़की पक्ष की ओर से कुछ विरोध हुआ था और मामला थाने तक भी पहुंचा था। हालांकि बाद में दोनों परिवारों के बीच संबंध सामान्य हो गए थे। परिजनों का कहना है कि शादी के बाद किसी बड़े विवाद की जानकारी सामने नहीं आई थी। मृतका की मां भी नियमित रूप से बेटी से मिलने आती थीं और परिवार में सामान्य माहौल बताया जा रहा है।
गर्भवती थी, पढ़ाई भी जारी थी
परिवार के अनुसार विजय लक्ष्मी तीन माह की गर्भवती थी। वह ओपन स्कूल से 12वीं की परीक्षा की तैयारी भी कर रही थी। परिजनों का कहना है कि वह भविष्य को लेकर योजनाएं बना रही थी और पढ़ाई पूरी करने के साथ आगे की जिंदगी को लेकर सकारात्मक सोच रखती थी। ऐसे में उसके इस कदम ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
इलाज और मानसिक स्थिति की भी होगी जांच
जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि धार्मिक आयोजनों, विशेषकर नवरात्रि और महाशिवरात्रि के दौरान विजय लक्ष्मी की विशेष धार्मिक अवस्था देखने को मिलती थी। इसी कारण उसका चिकित्सकीय उपचार भी चल रहा था। हालांकि पुलिस फिलहाल इस पहलू को सीधे घटना से जोड़कर नहीं देख रही है। अधिकारियों का कहना है कि उसकी मानसिक और चिकित्सकीय स्थिति से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और विशेषज्ञ रिपोर्ट के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
सुसाइड नोट बना जांच का अहम आधार
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने पुष्टि की है कि घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। फिलहाल नोट की सामग्री सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस उसकी हैंडराइटिंग, प्रामाणिकता और उसमें दर्ज तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि सुसाइड नोट घटना के कारणों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके साथ ही परिजनों के बयान, मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

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