पब्लिक स्वर,रायगढ़। रायगढ़ जिले में नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्य ले जाकर बेचने और अवैध गतिविधियों में धकेलने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में हुई कार्रवाई में 17 वर्षीय पीड़िता को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है, जबकि चार दलालों और एक खरीदार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
पीड़िता ने 11 अप्रैल 2026 को शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि वह 26 नवंबर 2025 को घर से बाहर थी, इसी दौरान उसकी परिचित लड़की उसे काम दिलाने का झांसा देकर रायगढ़ ले आई। यहां पहले से सक्रिय गिरोह के सदस्यों ने उसे अपने कब्जे में लेकर मध्यप्रदेश के सागर जिले पहुंचाया, जहां एक व्यक्ति को पैसे लेकर उसके साथ जबरन विवाह करा दिया गया। वहां उसके साथ जबरदस्ती और अमानवीय व्यवहार किया गया।
कुछ समय बाद पीड़िता किसी तरह वापस रायगढ़ लौट आई, लेकिन घर नहीं जाकर फिर से आरोपियों के संपर्क में आ गई। आरोप है कि गिरोह की महिला सदस्य ने उसे अपने पास रखकर बहला-फुसलाकर अवैध काम में धकेला और उससे कमाई कराई।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मिलकर पीड़िता को करीब डेढ़ लाख रुपये में बेचा था और रकम आपस में बांट ली थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नगद राशि और मोबाइल जब्त किए हैं। मामले में मुख्य खरीदार सुनील दीक्षित को मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले से गिरफ्तार किया गया, जिसने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया है।
इस मामले में शामिल एक अन्य आरोपी अभय यादव फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, मानव तस्करी और पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। कार्रवाई प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी के नेतृत्व में की गई।

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