मंत्रालय में सुबह-सुबह तकनीकी संकट के चलते 900 कर्मचारी नहीं लगा सके अटेंडेंस, लंबे समय बाद मंत्रालय में फिर से कागजी उपस्थिति



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पब्लिक स्वर,रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रालय में शुक्रवार सुबह ऑनलाइन बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम अचानक ठप हो गया। सुबह ठीक 10 बजे दफ्तर पहुंचे करीब 900 अधिकारी और कर्मचारी ऑटोमेटिक थंब मशीनों के सामने उपस्थिति दर्ज कराने के लिए जूझते नजर आए। काफी देर तक प्रयास के बावजूद मशीनों ने काम नहीं किया, जिसके बाद मंत्रालय में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।

करीब आधे घंटे बाद मंत्रालय अधीक्षण शाखा के रजिस्ट्रार की ओर से सूचना जारी कर बताया गया कि बायोमैट्रिक अटेंडेंस का सर्वर डाउन है, इसलिए फिलहाल ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाएगी। अधिकारियों के मुताबिक तकनीकी समस्या भारत सरकार के सर्वर से जुड़ी बताई गई है।

रजिस्टर में दर्ज करनी पड़ी उपस्थिति

सिस्टम बंद होने के बाद सभी विभागों और अनुभागों में कर्मचारियों को मैन्युअल तरीके से रजिस्टर में हस्ताक्षर कर उपस्थिति दर्ज करनी पड़ी। लंबे समय बाद मंत्रालय में फिर से कागजी उपस्थिति व्यवस्था देखने को मिली।

मंत्रालय में 1 जनवरी 2026 से आधार आधारित बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू किया गया है। इस व्यवस्था के तहत उप सचिव स्तर तक के अधिकारियों को भी थंब मशीन के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होती है। सरकार ने इसे पारदर्शिता और समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किया था।

पहली बार इतना बड़ा तकनीकी फेलियर

जनवरी में सिस्टम लागू होने के बाद यह पहली बार है जब मंत्रालय का ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम इतने बड़े स्तर पर प्रभावित हुआ है। कर्मचारियों के अनुसार सुबह के पीक टाइम में सर्वर डाउन होने से कामकाज भी प्रभावित हुआ। कई अधिकारी मशीनों के सामने बार-बार फिंगर स्कैन करते नजर आए, लेकिन सिस्टम रिस्पॉन्स नहीं दे रहा था।

सूत्रों के मुताबिक इस पूरी व्यवस्था का संचालन एनआईसी (नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर) और सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा किया जा रहा है। दोपहर तक भी तकनीकी समस्या पूरी तरह ठीक नहीं हो सकी थी।

डिजिटल सिस्टम पर बढ़ती निर्भरता के बीच सवाल

मंत्रालय में हुए इस तकनीकी फेलियर ने सरकारी दफ्तरों में डिजिटल सिस्टम पर बढ़ती निर्भरता को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आधार आधारित ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने में मददगार है, लेकिन इसके लिए मजबूत सर्वर बैकअप और वैकल्पिक व्यवस्था भी जरूरी है, ताकि तकनीकी खराबी की स्थिति में प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न हो।



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