पब्लिक स्वर,राजनांदगांव। राजनांदगांव मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय द्वारा जारी एक आदेश को लेकर स्वास्थ्य विभाग में उठे विवाद के बाद प्रशासन ने बड़ा संशोधन किया है। पहले जहां केवल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारियों के लिए आधार आधारित उपस्थिति और उसी आधार पर वेतन आहरण अनिवार्य किया गया था, वहीं अब संशोधित आदेश में स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मचारियों पर यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।
खबर सामने आने और कर्मचारियों की नाराजगी के बाद शुक्रवार सुबह जारी नए आदेश में नियमित, संविदा, डीएमएफ, एनएचएम सहित विभाग के समस्त कर्मचारियों के लिए 100 प्रतिशत आधार आधारित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक, सिविल सर्जन और अस्पताल अधीक्षकों को इसका पालन सुनिश्चित कराने कहा गया है।
पहले सिर्फ NHM कर्मचारियों पर लागू था आदेश
पूर्व में जारी आदेश में केवल एनएचएम कर्मचारियों को आधार आधारित उपस्थिति दर्ज करने और उसी के आधार पर वेतन आहरण करने के निर्देश दिए गए थे। इसे लेकर कर्मचारियों के बीच असंतोष बढ़ गया था। कर्मचारियों का कहना था कि एक ही विभाग में अलग-अलग नियम लागू करना उचित नहीं है।
मामला धीरे-धीरे जिले से निकलकर प्रदेश स्तर तक चर्चा का विषय बन गया। मंत्रालय स्तर पर भी इस आदेश को लेकर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद CMHO कार्यालय ने आदेश में संशोधन करते हुए इसे सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू कर दिया।
शासन पहले ही जारी कर चुका है निर्देश
दरअसल, राज्य शासन द्वारा पहले से ही सभी प्रकार के शासकीय कर्मचारियों के लिए आधार आधारित उपस्थिति सुनिश्चित करने संबंधी निर्देश जारी किए जा चुके हैं। शासन ने सभी जिलों के कलेक्टरों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने कहा था। ऐसे में केवल एनएचएम कर्मचारियों को अलग से चिन्हित किए जाने पर सवाल उठ रहे थे।
संशोधित आदेश के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि स्वास्थ्य विभाग में उपस्थिति प्रणाली सभी वर्गों के कर्मचारियों के लिए समान रूप से लागू होगी।
कर्मचारी संघ ने संशोधित आदेश का किया स्वागत
एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास ने संशोधित आदेश का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मचारी शासन की मंशा के अनुरूप कार्य कर रहे हैं और आम जनता तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विभागीय व्यवस्थाओं में समानता बनाए रखना जरूरी है, ताकि कर्मचारियों के बीच भेदभाव की स्थिति उत्पन्न न हो। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि सभी कर्मचारी नई व्यवस्था का पालन करते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।
प्रशासनिक निर्णय के बाद थमा विवाद
संशोधित आदेश जारी होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में चल रहा विवाद फिलहाल शांत होता दिखाई दे रहा है। माना जा रहा है कि प्रशासन ने बढ़ते विरोध और कर्मचारियों की नाराजगी को देखते हुए यह फैसला लिया है, ताकि किसी एक वर्ग विशेष को निशाना बनाए जाने जैसी स्थिति न बने।

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