पब्लिक स्वर,राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची प्रशासनिक टीम पर रेत माफियाओं की दबंगई का मामला सामने आया है। डोंगरगांव ब्लॉक के रातापायली गांव में खनिज और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की गई, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। हालांकि समय रहते अधिकारी हट गए और बड़ा हादसा टल गया। घटना देर रात की बताई जा रही है, जब शिवनाथ नदी का जलस्तर घटने के बाद सक्रिय हुए रेत माफियाओं की सूचना पर डोंगरगांव तहसीलदार और खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान रेत से लदा एक ट्रैक्टर तेज रफ्तार में टीम की ओर बढ़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक ने जानबूझकर वाहन की गति बढ़ाकर अधिकारियों को डराने और रास्ता खाली कराने की कोशिश की।
स्थिति गंभीर होती देख अधिकारी तत्काल किनारे हटे, जिससे वे बाल-बाल बच गए। घटना के बाद चालक ट्रैक्टर छोड़कर भागने लगा, लेकिन ग्रामीणों और खनिज विभाग के सुरक्षा गार्डों ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया। इस दौरान हुई झड़प में चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।यह घटना केवल एक आपराधिक प्रयास नहीं, बल्कि क्षेत्र में लंबे समय से जारी अवैध खनन नेटवर्क की सक्रियता को भी उजागर करती है। जानकारी के मुताबिक आसरा, अर्जुनी, कोतरीभर्ती और भोथली जैसे कई रेत खदानों की नीलामी हो चुकी है, लेकिन पर्यावरण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लंबित होने के कारण वैध खनन शुरू नहीं हो पाया है। इस प्रशासनिक देरी का फायदा उठाकर रेत माफिया अवैध उत्खनन कर रहे हैं।
कलेक्टर जितेंद्र यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और जब्त वाहनों को राजसात करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध उत्खनन और अधिकारियों पर हमले जैसी घटनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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