पब्लिक स्वर,खैरागढ़। ‘रातों-रात अमीर बनने’ की चाह में फिल्मी स्टाइल अपनाने वाला आरोपी हकीकत से ज्यादा देर तक दूर नहीं रह सका। 14 अप्रैल को उदयपुर स्थित एक एटीएम में तोड़फोड़ कर कैश निकालने की कोशिश की गई, लेकिन हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की तत्परता ने इस प्रयास को नाकाम कर दिया।
घटना का खुलासा तब हुआ जब एटीएम की देखरेख करने वाला कर्मचारी मौके पर पहुंचा। एटीएम बंद था और अंदर का दृश्य देखकर साफ हो गया कि मशीन और लॉबी में सुनियोजित तरीके से तोड़फोड़ की गई है। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी पूरी तैयारी के साथ आया था, लेकिन वह यह नहीं समझ पाया कि आधुनिक एटीएम केवल मशीन नहीं, बल्कि बहु-स्तरीय सुरक्षा तंत्र से लैस होते हैं।
मामले की सूचना मिलते ही छुईखदान पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस ने केवल पारंपरिक तरीकों पर निर्भर न रहकर तकनीकी साक्ष्यों—जैसे आसपास की गतिविधियों का विश्लेषण, संदिग्ध मूवमेंट की ट्रैकिंग और मुखबिर तंत्र—का प्रभावी उपयोग किया। इसी क्रम में पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति की सूचना मिली, जो पुलिस को देखकर असामान्य व्यवहार कर रहा था।
पुलिस ने तेजी से घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान चंपालाल जंघेल (40 वर्ष), निवासी ग्राम उदयपुर के रूप में हुई। उसने एटीएम में तोड़फोड़ कर चोरी का प्रयास करना स्वीकार कर लिया। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए औजार भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

User 1










