पब्लिक स्वर,रायपुर। छत्तीसगढ़ में सट्टे के मास्टरमाइंड बाबू खेमानी की ब्लैक मनी का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने 24 अप्रैल को उसके आमानाका स्थित मारुति एनक्लेव वाले घर पर सर्च वारंट के साथ छापा मारा। इस दौरान घर में उसकी मां, पत्नी और भाई करण की पत्नी मौजूद थीं, जबकि भाई करण और पिता ब्रह्मानंद खेमानी फरार हैं।
छापेमारी के दौरान पुलिस को 5 लग्जरी कारें बरामद हुईं, जिनमें बीएमडब्ल्यू और क्रेटा जैसी गाड़ियां शामिल हैं। इसके अलावा करोड़ों रुपये की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, बैंक अकाउंट डिटेल, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं। इन सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि सट्टा नेटवर्क की पूरी संरचना और लेन-देन का पता लगाया जा सके।
जांच में यह सामने आया है कि बाबू खेमानी और उसका भाई करण मिलकर लंबे समय से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहे थे। इसके लिए 50 से अधिक यूजर आईडी बनाई गई थीं, जिनके जरिए देशभर में लोगों को जोड़ा जाता था। पैसों के लेन-देन के लिए म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे असली लाभार्थियों की पहचान छिपी रहे। पुलिस अब इन खातों के जरिए हुए करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है और संदिग्ध खातों को चिन्हित किया जा रहा है।
‘3 Stumps’ नाम के ऐप के जरिए बड़े स्तर पर सट्टेबाजी कराई जा रही थी। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये के लेन-देन की आशंका जताई गई है। इससे पहले बाबू खेमानी का नाम महादेव बुक ऐप से भी जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन बाद में उसने अपना अलग नेटवर्क तैयार कर लिया था, जो सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए ऑपरेट होता था।
बाबू खेमानी ने अपनी अवैध कमाई को संपत्तियों में निवेश किया। उसके नाम पर आमानाका स्थित मकान के अलावा रविभवन में मोबाइल दुकान, जोरापारा में गोदाम, VIP रोड और महासमुंद-बागबाहरा मेन रोड पर करीब 1 एकड़ जमीन दर्ज है। पुलिस इन सभी संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच कर रही है और आय के स्रोत का मिलान किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर संपत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
जांच में उसका दुबई कनेक्शन भी सामने आया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि उसकी विदेश यात्राएं नियमित थीं और वहां उसके कुछ संपर्क भी बने हुए थे। आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी के साथ उसकी मुलाकात का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे उसने सोशल मीडिया पर शेयर किया था। हालांकि इस कनेक्शन का सट्टेबाजी नेटवर्क से सीधा संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस इस एंगल की भी गहराई से जांच कर रही है।
सोशल मीडिया के जरिए नेटवर्क फैलाना इस पूरे रैकेट का अहम हिस्सा था। बाबू खेमानी खुद को एक इन्फ्लुएंसर के तौर पर पेश करता था और इंस्टाग्राम पर लग्जरी लाइफस्टाइल, महंगी कारों, विदेश यात्राओं और पार्टियों से जुड़े वीडियो पोस्ट करता था। आईपीएल के दौरान वह “प्रिडिक्शन” और “टिप्स” के नाम पर लोगों को आकर्षित करता था और फिर उन्हें टेलीग्राम लिंक के जरिए सट्टा नेटवर्क में जोड़ा जाता था।
पुलिस को शुरुआती जांच में यह भी इनपुट मिला है कि इस नेटवर्क की कड़ियां रायपुर के क्लब, होटल और कुछ कारोबारी वर्ग तक भी जुड़ी हो सकती हैं। इसी आधार पर पुलिस अब पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है और अन्य संदिग्ध लोगों की पहचान की जा रही है।
फिलहाल बाबू खेमानी के भाई करण और पिता ब्रह्मानंद की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का मानना है कि डिजिटल सबूत, बैंकिंग ट्रेल और पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। रायपुर में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।

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