करंट की चपेट में आने से 15 मवेशियों की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश



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पब्लिक स्वर,राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले के ग्रामीण वार्ड सिंगदई में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया। खेत में टूटकर गिरे बिजली के तार में प्रवाहित हो रहे करंट की चपेट में आने से करीब 15 मवेशियों की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही को हादसे का कारण बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और प्रभावित पशुपालकों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।


सुबह खेत में बिखरे मिले मवेशियों के शव

जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने सिंगदई स्थित एक खेत में बड़ी संख्या में मवेशियों के शव पड़े देखे। मवेशियों की मौत की सूचना तत्काल कोटवार के माध्यम से पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस, पशु चिकित्सा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि खेत में बिजली का तार टूटकर गिरा हुआ था, जिसमें करंट प्रवाहित हो रहा था। इसी करंट की चपेट में आने से मवेशियों की मौत हुई।


आंधी-तूफान बना हादसे की वजह

बताया जा रहा है कि बुधवार दोपहर बाद मौसम में अचानक बदलाव आया था। तेज हवाओं और आंधी-तूफान के कारण क्षेत्र में कई जगह बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचा। आशंका है कि इसी दौरान खेत से गुजर रही बिजली लाइन का तार टूटकर नीचे गिर गया। रातभर तार में बिजली प्रवाहित होती रही और खेत में घास चरने पहुंचे मवेशी अनजाने में उसके संपर्क में आ गए। करंट लगने से एक के बाद एक कई मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई।


पुलिस और पशु विभाग ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने पंचनामा तैयार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।


ग्रामीणों ने उठाए सवाल, मुआवजे की मांग

हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि बिजली लाइनों के रखरखाव में लापरवाही बरती जा रही है, जिसके कारण यह दुखद घटना हुई। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, जिन पशुपालकों के मवेशियों की मौत हुई है, उन्होंने प्रशासन से आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पशुपालन उनकी आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है और एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मवेशियों की मौत से उन्हें भारी नुकसान हुआ है।


प्रशासन की नजर जांच रिपोर्ट पर

फिलहाल प्रशासन घटना की विस्तृत जांच कर रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर हादसे के कारणों की पुष्टि की जाएगी। इसके बाद जिम्मेदारी तय करने और राहत संबंधी निर्णय लिए जाने की संभावना है। सिंगदई में हुए इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली लाइनों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



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