पब्लिक स्वर,रायपुर। छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती 2023 को लेकर D.Ed. प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया में देरी और नियुक्ति नहीं मिलने से नाराज अभ्यर्थियों ने अब शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के खिलाफ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत करने की कोशिश की है। हालांकि, हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज नहीं हो सकी, जिससे अभ्यर्थियों में और नाराजगी बढ़ गई है।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि न्यायालय के आदेश और मेरिट सूची में चयनित होने के बावजूद सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रदेश में रिक्त पद होने के बावजूद नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए जा रहे हैं, जिससे हजारों प्रशिक्षित युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज नहीं हो सकी
अभ्यर्थियों के अनुसार, जब उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए संपर्क किया तो कॉल अटेंडर ने बताया कि इस विषय से संबंधित श्रेणी अभी पोर्टल में उपलब्ध नहीं है। इसलिए भर्ती प्रक्रिया रोके जाने या नियुक्ति में देरी से जुड़ी शिकायत फिलहाल दर्ज नहीं की जा सकती।
हेल्पलाइन कर्मी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी अभ्यर्थी को जॉइनिंग लेटर जारी होने के बाद भी पदस्थापना या कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जा रहा है, तब शिकायत दर्ज की जा सकती है। इस दौरान भर्ती प्रक्रिया रुकने के कारण के बारे में पूछे जाने पर शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उन्हें भी इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। उनका आरोप है कि विभागीय अधिकारी और शिक्षा विभाग इस मामले में संतोषजनक जवाब देने के बजाय लगातार टालमटोल कर रहे हैं।
170वें दिन में पहुंचा आमरण अनशन
सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के तहत नियुक्ति की मांग को लेकर D.Ed. प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन गुरुवार को 170वें दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलनकारियों का दावा है कि राज्य में लगभग 2300 रिक्त पदों पर भर्ती की जानी है, लेकिन न्यायालयीय प्रक्रिया पूरी होने और मेरिट सूची जारी होने के बावजूद नियुक्तियां नहीं दी गई हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले तीन वर्षों से नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं और लगातार शासन-प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि चयनित अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति प्रदान की जाए।
भीषण गर्मी के बीच बिगड़ रही स्वास्थ्य स्थिति
प्रदेश में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बीच धरना स्थल पर बैठे अभ्यर्थियों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। आंदोलनकारियों के मुताबिक, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के निवासी अभ्यर्थी मृगेंद्र रजवाड़े की अचानक तबीयत गंभीर रूप से खराब हो गई। लंबे समय से आंदोलन में शामिल रहने, मानसिक तनाव, अत्यधिक गर्मी और शारीरिक कमजोरी के कारण उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल नवा रायपुर स्थित राखी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। आंदोलनकारियों का दावा है कि उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
‘नौकरी नहीं, अस्तित्व की लड़ाई’
आंदोलन में शामिल अभ्यर्थियों का कहना है कि यह संघर्ष अब केवल नौकरी प्राप्त करने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि हजारों बेरोजगार युवाओं के सम्मान, भविष्य और अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। उनका आरोप है कि लंबे समय से आंदोलन के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। उनका कहना है कि 170 दिनों से अधिक समय से जारी यह धरना युवाओं के धैर्य और संघर्ष की परीक्षा बन गया है।

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