पब्लिक स्वर,रायपुर। रायपुर के सारागांव हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित समर कैम्प के दौरान विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल की। बच्चों ने मिलकर पक्षियों के लिए घोंसले तैयार किए और उन्हें स्कूल परिसर के पेड़ों पर लगाया, ताकि भीषण गर्मी में पक्षियों को सुरक्षित आश्रय मिल सके।
यह गतिविधि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना था। यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों से भी गहराई से जुड़ी होती है।
समर कैम्प के दौरान कक्षा 12वीं की छात्राएं छाया, साक्षी और टीना ने रचनात्मकता और टीमवर्क का परिचय देते हुए घोंसलों का निर्माण किया। स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर बनाए गए ये घोंसले न केवल उपयोगी हैं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता का प्रतीक भी हैं। विद्यार्थियों ने इस कार्य को पूरे उत्साह और समर्पण के साथ पूरा किया।
विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में पेड़ों की कमी और बढ़ते तापमान के कारण पक्षियों के प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में इस तरह की पहलें न केवल पक्षियों को राहत देती हैं, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाती हैं। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों में सहयोग की भावना, प्रकृति से जुड़ाव और जीवों के प्रति करुणा का विकास हुआ है। यह पहल एक संदेश भी देती है कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं।

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