पब्लिक स्वर,गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वनमंडल अंतर्गत गौरेला वन परिक्षेत्र के पीपरखूटी बीट में बड़े पैमाने पर अवैध कटाई का मामला सामने आया है। तस्करों ने सागौन और साल जैसे कीमती पेड़ों को इलेक्ट्रॉनिक आरा मशीनों से काटकर जंगल से बाहर निकाल दिया। प्रारंभिक जांच में 122 पेड़ों के ठूंठ मिलने की पुष्टि हुई है, जबकि आशंका है कि यह संख्या और अधिक हो सकती है, क्योंकि कटाई पिछले 2-3 महीनों से लगातार जारी थी।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने करीब दो महीने पहले ही वन विभाग को इसकी सूचना दे दी थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते तस्कर बेखौफ होकर जंगल में कटाई करते रहे। यह घटना मरवाही वनमंडल मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर और बिलासपुर-जबलपुर मुख्य मार्ग के पास हुई, जिससे विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले की जानकारी रायपुर पहुंचने के बाद राज्य स्तरीय फ्लाइंग स्क्वाड टीम को जांच के लिए भेजा गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर बड़ी संख्या में कटे हुए पेड़ों के अवशेष पाए और 122 ठूंठों की पुष्टि के बाद जांच शुरू कर दी गई है। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले में विभागीय मिलीभगत की आशंका जताई है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी अवैध कटाई बिना अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी या सहयोग के संभव नहीं है। अब मांग की जा रही है कि डीएफओ, रेंजर और बीट गार्ड सहित जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
यह मामला न केवल पर्यावरणीय नुकसान का है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले समय में इस मामले में बड़े खुलासे और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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