पब्लिक स्वर,बचेली/दंतेवाड़ा। एनएमडीसी क्षेत्र का प्रमुख सब्जी बाजार इन दिनों पूरी तरह अव्यवस्था की गिरफ्त में है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या एनएमडीसी क्षेत्र नगरपालिका की जिम्मेदारी से बाहर है?
बाजार में एनएमडीसी द्वारा बनाए गए पक्के शेड, जिनका उद्देश्य व्यवस्थित व्यापार था, अब गोदामों में तब्दील हो चुके हैं। दुकानदारों ने शेड के अंदर माल भर रखा है, जबकि असली कारोबार सड़क पर फैल गया है। इससे पूरे क्षेत्र में अराजक स्थिति बन गई है।
सप्ताह में दो दिन बाजार, दोगुनी अव्यवस्था
पहले केवल बुधवार को लगने वाला बाजार अब रविवार को भी लगने लगा है। इससे भीड़ और दबाव दोगुना हो गया है, लेकिन व्यवस्थाएं वहीं की वहीं हैं। नतीजा—हर तरफ अव्यवस्था, जाम और खतरा।
सड़क पर कब्जा, झिल्लियों का जाल बना खतरा
सब्जी विक्रेता धूप से बचने के लिए सड़क के बीचों-बीच प्लास्टिक की झिल्लियां (तिरपाल) बांध देते हैं। इन झिल्लियों की रस्सियां कई बार बाइक सवारों के लिए फंदा बन चुकी हैं—कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। रास्ता इतना संकरा हो जाता है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
???? आपात स्थिति में ठप हो सकती है जिंदगी
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि अगर किसी को हार्ट अटैक, बेहोशी या अन्य आपात स्थिति हो जाए, तो एम्बुलेंस का अंदर पहुंचना लगभग असंभव है। कई बार मरीजों को बाजार से बाहर तक उठाकर ले जाना पड़ा, जिससे इलाज में देरी और हालत गंभीर होने के मामले सामने आए हैं।
???? सीसीटीवी भी बेअसर, चोरी की घटनाएं बढ़ीं
सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे झिल्लियों से ढक जाते हैं, जिससे निगरानी पूरी तरह निष्प्रभावी हो गई है। बाजार में मोबाइल और पर्स चोरी की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन सबूत के अभाव में कार्रवाई मुश्किल हो जाती है।
???? बेतरतीब पार्किंग ने बढ़ाया जाम
बाजार के भीतर ही दोपहिया और चारपहिया वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। न पार्किंग की व्यवस्था है, न ही कोई नियंत्रण—नतीजतन पूरा बाजार जाम में तब्दील हो जाता है।
प्रशासन हरकत में, बैठक की तैयारी
थाना प्रभारी प्रहलाद कुमार साहू ने बताया कि समस्या को गंभीरता से लेते हुए एनएमडीसी और नगरपालिका के साथ संयुक्त बैठक की पहल की गई है। जल्द ही बाजार को व्यवस्थित करने के लिए ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया गया है।
जनता की मांग—अब नहीं तो कब?
स्थानीय लोगों और ग्राहकों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है:
शेड के अंदर ही दुकानों का संचालन अनिवार्य किया जाए।
सड़क पर अतिक्रमण और झिल्लियां लगाने पर रोक लगे।
बाजार के बाहर व्यवस्थित पार्किंग बनाई जाए।
सीसीटीवी निगरानी को प्रभावी किया जाए।
तत्काल सड़क खाली करवाकर व्यवस्था बहाल की जाए।
बचेली का यह बाजार अब सुविधा से ज्यादा खतरे का केंद्र बनता जा रहा है। अगर समय रहते प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह अव्यवस्था किसी बड़े हादसे में बदल सकती है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग कब जागते हैं—या फिर किसी अनहोनी का इंतजार किया जाएगा।

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