पब्लिक स्वर,रायपुर। रायपुर में वन्यजीव तस्करी के एक गंभीर मामले का खुलासा हुआ है, जहां वन विभाग की टीम ने जिंदा पैंगोलिन के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पैंगोलिन को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी शिकार के बाद इस दुर्लभ जीव को बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे थे और सौदेबाजी के दौरान ही वन विभाग को इसकी भनक लग गई।
रायपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी दीपक तिवारी के अनुसार, विभाग को सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति शहर में पैंगोलिन बेचने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई की और संदिग्धों की लोकेशन ट्रेस कर घेराबंदी की।आरोपियों की मौजूदगी भाठागांव स्थित रावण भाटा मैदान के पास पाई गई। टीम के कुछ सदस्यों ने ग्राहक बनकर आरोपियों से संपर्क किया और बातचीत शुरू की। इस दौरान तस्करों ने पैंगोलिन की कीमत करीब 50 करोड़ रुपये बताई। सौदे को आगे बढ़ाने के बहाने आरोपियों ने टीम को पास की एक कॉलोनी के पीछे स्थित झोपड़ी में ले जाकर पैंगोलिन दिखाया, जहां उसे जिंदा छिपाकर रखा गया था।
जैसे ही पैंगोलिन की पुष्टि हुई, टीम ने मौके पर ही दोनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्यारेलाल गोपचे (बालाघाट) और गोखन हलदार (कांकेर) के रूप में हुई है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ जारी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उन्होंने पैंगोलिन का शिकार कैसे किया, पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहे हैं या नहीं, और उनके पीछे कोई संगठित तस्करी नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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