पब्लिक स्वर,बिलासपुर। बिलासपुर में एक प्रोफेसर दंपती के इकलौते बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में युवक द्वारा सायनाइड सेवन कर आत्महत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद परिवार और विश्वविद्यालय परिसर में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान यश वर्धन सिंह ठाकुर के रूप में हुई है। वह गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन शाखा के द्वितीय वर्ष का छात्र था। उसके पिता संतोष सिंह ठाकुर विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं, जबकि मां किरण सिंह ठाकुर शासकीय कन्या महाविद्यालय में प्राध्यापक हैं। यश दंपती का इकलौता बेटा था।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम तक यश घर नहीं लौटा, जिसके बाद परिजनों को चिंता हुई। बताया जा रहा है कि मां से हुई अंतिम बातचीत के दौरान उसके व्यवहार में तनाव और अवसाद जैसे संकेत महसूस हुए थे। इसके बाद परिवार ने विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों और उसके दोस्तों की मदद से उसकी तलाश शुरू की। रात करीब 8 बजे सूचना मिली कि लोधीपारा स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के पास एक युवक अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों और दोस्तों की मदद से उसे तत्काल अपोलो अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक जांच में मौत का कारण सायनाइड सेवन बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद से परिवार गहरे सदमे में है। इकलौते बेटे की अचानक मौत ने माता-पिता को पूरी तरह तोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद दोनों की तबीयत भी बिगड़ गई।

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