नई दिल्ली | एयर इंडिया इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रही है। पिछले 10 दिनों में एयर इंडिया की 69 फ्लाइट्स रद्द हो चुकी हैं और कई रूटों पर उड़ानें बीच रास्ते से लौटाई गई हैं। इसी बीच अहमदाबाद में हुई एक बड़ी दुर्घटना के बाद, जिसमें 270 लोगों की जान गई थी, DGCA ने एयर इंडिया के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को हटाने का आदेश जारी किया है।
लगातार फ्लाइट्स कैंसिल, यात्री परेशान
एयर इंडिया के बेड़े में 33 बोइंग 787-8/9 विमान हैं, जिनमें से कई तकनीकी खामियों से जूझ रहे हैं। 12 से 17 जून के बीच 69 उड़ानें रद्द की गईं, जबकि 18 जून को 3 और 19 जून को 4 उड़ानों को कैंसिल किया गया। 19 जून को वियतनाम जा रही फ्लाइट AI388 (A320 नियो) को बीच रास्ते से दिल्ली लौटना पड़ा, क्योंकि टेकऑफ के कुछ देर बाद पक्षी से टकराव हो गया था। विमान में 130 यात्री सवार थे।
तीन अधिकारियों पर गंभीर आरोप
DGCA ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों को क्रू शेड्यूलिंग और रोस्टरिंग से जुड़े उनके कर्तव्यों से हटाने का आदेश दिया है। इन पर तीन प्रमुख आरोप हैं:
नियमों के खिलाफ जाकर क्रू पेयरिंग करना,
अनिवार्य उड़ान अनुभव और लाइसेंसिंग नियमों का उल्लंघन,
शेड्यूलिंग प्रोटोकॉल का पालन न करना।
DGCA के निर्देश और सख्ती
DGCA ने एयर इंडिया को इन अधिकारियों के खिलाफ तत्काल इंटर्नल डिसिप्लिनरी एक्शन शुरू करने को कहा है और 10 दिनों में रिपोर्ट मांगी है। आदेश में कहा गया है कि जब तक सुधारात्मक प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक इन अधिकारियों को नॉन-ऑपरेशनल पदों पर ट्रांसफर किया जाए और इन्हें किसी भी फ्लाइट सेफ्टी या क्रू से संबंधित भूमिका में नियुक्त न किया जाए।
इसके साथ ही DGCA ने भविष्य में शेड्यूलिंग, लाइसेंसिंग और फ्लाइट ऑपरेशन से संबंधित मामलों में उच्च सतर्कता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
एयर इंडिया की लगातार हो रही उड़ान रद्दीकरण और अहमदाबाद हादसे के बाद एयरलाइन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। DGCA की सख्ती और जांच से यह साफ है कि अब लापरवाही पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। यात्रियों की सुरक्षा और विश्वसनीयता के लिए यह एक अहम मोड़ साबित हो सकता है

Public Swar Desk













