पब्लिक स्वर,सूरजपुर। सूरजपुर जिले में अवैध खनिज उत्खनन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रामानुजनगर तहसील में संचालित दो अवैध क्रशर संयंत्रों को सील कर दिया है। संयुक्त जांच के दौरान हजारों टन अवैध गिट्टी और बोल्डर भी जब्त किए गए। इस कार्रवाई को जिले में अवैध खनिज कारोबार के खिलाफ प्रशासन की अब तक की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, रामानुजनगर तहसील के ग्राम पस्ता में संचालित क्रशर इकाइयों की शिकायतों और प्रारंभिक जानकारी के आधार पर एसडीएम रामानुजनगर तथा खनिज विभाग सूरजपुर की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान सामने आया कि सपना अग्रवाल और गुप्तेश्वर पाण्डेय के नाम से संचालित क्रशर संयंत्र बिना वैध अनुमति और आवश्यक लाइसेंस के संचालित किए जा रहे थे।
लाइसेंस समाप्त होने के बाद भी जारी था संचालन
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि दोनों संचालकों के नाम पर ग्राम छिन्दिया में गौण खनिज पत्थर भंडारण के लिए जारी लाइसेंस काफी समय पहले समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करते हुए पत्थरों का भंडारण तथा क्रशिंग कार्य लगातार जारी रखा गया। इससे न केवल खनिज नियमों का उल्लंघन हुआ, बल्कि शासन को राजस्व हानि पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है।
मौके पर सीलबंद किए गए संयंत्र
संयुक्त दल ने कार्रवाई करते हुए दोनों क्रशर संयंत्रों को तत्काल प्रभाव से सीलबंद कर दिया। निरीक्षण के दौरान परिसर में बड़ी मात्रा में अवैध रूप से भंडारित गिट्टी और बोल्डर पाए गए, जिन्हें जब्त कर पंचनामा तैयार किया गया। जब्त सामग्री की मात्रा हजारों टन बताई जा रही है।
अवैध खनिज कारोबार पर प्रशासन सख्त
खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन, भंडारण और क्रशर संचालन के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में संचालित अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। वहीं, स्थानीय स्तर पर लंबे समय से अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की जा रही थी, जिसके बाद हुई यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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