पब्लिक स्वर,आरंग। जिला पंचायत रायपुर की सामान्य सभा की बैठक में मंगलवार को जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे जोरदार तरीके से उठाए गए। जिला पंचायत सदस्य वतन चन्द्राकर ने जमीन आवंटन, पेयजल संकट, किसानों की समस्याओं और पंचायतों से जुड़े लंबित मामलों को लेकर प्रशासन और सरकार पर तीखे सवाल खड़े किए।
बैठक में चन्द्राकर ने रीवा क्षेत्र की पेयजल समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए सेंध जलाशय से लखौली पुलिस बटालियन तक लाई गई पाइपलाइन को आगे रीवा तक विस्तारित करने और चपरीद से भी पाइपलाइन बढ़ाकर जल आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को सामान्य सभा में पारित कर शासन को भेजा गया।
उन्होंने आरंग विकासखंड की 16 पंचायतों में आदिवासी विभाग द्वारा स्वीकृत निर्माण कार्यों की राशि तीन वर्षों से लंबित होने का मुद्दा उठाया। चन्द्राकर ने कहा कि कार्य पूर्ण होने के बावजूद भुगतान नहीं होने से पंचायतों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए राशि शीघ्र जारी की जानी चाहिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई हितग्राहियों को चार महीनों से भुगतान नहीं मिलने का मामला भी बैठक में उठा। इसके अलावा स्वच्छता विभाग के तहत शौचालय निर्माण करने वाले करीब 4000 हितग्राहियों को भुगतान नहीं मिलने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई और इसे अन्यायपूर्ण बताया।
चन्द्राकर ने 15वें वित्त आयोग की राशि समय पर पंचायतों को उपलब्ध नहीं होने से विकास कार्य प्रभावित होने की बात कही। वहीं पीएचई विभाग की अधूरी जल टंकियों को जल्द पूरा कर पेयजल आपूर्ति सुचारू करने की मांग भी रखी गई।
भलेरा सोसाइटी में धान में पानी डलवाने के मामले में जिम्मेदार अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर भी उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
ग्राम पंचायत रसनी में पंचायत की सहमति के बिना 56 एकड़ जमीन उद्योग विभाग को आवंटित किए जाने को उन्होंने ग्रामीणों के अधिकारों का हनन बताया। साथ ही समोदा बैराज से रायखेड़ा स्थित अडानी प्लांट तक पाइपलाइन बिछाने के लिए किसानों की जमीन बिना मुआवजा खोदे जाने का आरोप लगाते हुए सरकार पर उद्योगपतियों के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया।
उन्होंने यह भी कहा कि एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर उद्योगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए मुहमेला और चिखली में नए बैराज निर्माण हेतु 600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।
बैठक के अंत में पारागांव (आरंग) की सोसाइटी में सेल्समैन द्वारा हितग्राहियों से अंगूठा लगवाकर चावल गबन करने के मामले को उठाते हुए चन्द्राकर ने केवल निलंबन की कार्रवाई को अपर्याप्त बताया और दोषी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर वसूली की मांग की। बैठक में उठाए गए इन सभी मुद्दों पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की जानकारी दी गई।

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