पब्लिक स्वर,बलरामपुर। बलरामपुर जिले के चांदो स्थित एक शासकीय स्कूल परिसर में लाखों रुपये की स्कूल यूनिफॉर्म कूड़े के ढेर में फेंकी हुई मिलने से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ये यूनिफॉर्म बंडलों में पड़ी थीं, जिन्हें सत्र 2024-25 में विद्यार्थियों को वितरित किया जाना था, लेकिन कथित लापरवाही के चलते ये कभी बच्चों तक पहुंच ही नहीं सकीं।
जानकारी के अनुसार, यूनिफॉर्म समय पर स्कूल स्तर तक पहुंचा दी गई थीं, लेकिन वितरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। इस दौरान कई जरूरतमंद छात्र बिना गणवेश के स्कूल जाते रहे, जबकि उनके लिए आई सामग्री स्कूल परिसर में ही पड़ी-पड़ी खराब होती रही। इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि न केवल वितरण में लापरवाही हुई, बल्कि निगरानी और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया भी पूरी तरह विफल रही।
बलरामपुर जिले में गणवेश वितरण में गड़बड़ी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अनियमितताओं के चलते जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है, यहां तक कि निलंबन की नौबत भी आई थी। इसके बावजूद, जमीनी स्तर पर हालात में सुधार नहीं दिख रहा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि संकुल स्तर तक पहुंचने के बाद ये यूनिफॉर्म कूड़े के ढेर तक कैसे पहुंच गईं और इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को क्यों नहीं हुई।
मामले के सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं। विकासखंड शिक्षा अधिकारी मनोज गुप्ता ने बताया कि मौके पर टीम भेजी गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि यूनिफॉर्म वहां कब और किन परिस्थितियों में पड़ी थीं। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस पूरे मामले में किसकी जिम्मेदारी तय होगी।

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