पब्लिक स्वर,दुर्ग। दुर्ग जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में एक ज्वेलरी शॉप से शुरू हुआ विवाद अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। यहां एक महिला और लेडी हेड कॉन्स्टेबल के बीच कथित मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ चुका है। घटना का संबंध ज्वेलरी शॉप में एडवांस राशि वापस लेने को लेकर हुए विवाद से बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता जया गाड़े ने 15 अप्रैल को ‘सहेली ज्वेलर्स’ में गहने बनवाने के लिए ऑर्डर दिया था और 50 हजार रुपये एडवांस के रूप में जमा किए थे। 19 अप्रैल को वह अपनी मां के साथ दुकान पहुंची और ऑर्डर रद्द कर एडवांस राशि वापस मांगी। आरोप है कि दुकान संचालक ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया और पुलिस को बुला लिया।
इसके बाद दुकान में ही विवाद बढ़ गया। पीड़िता का आरोप है कि मौके पर पहुंची महिला हेड कॉन्स्टेबल लता सुमन साहू ने स्थिति को समझने के बजाय उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट शुरू कर दी। जया गाड़े का कहना है कि कॉन्स्टेबल ने उसे थप्पड़ मारा, बाल पकड़कर घसीटा और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि जब उसकी मां ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की की गई और लात मारी गई। जया के अनुसार, हाल ही में उसका पेट का ऑपरेशन हुआ था, बावजूद इसके उसी जगह पर चोट पहुंचाई गई। उसने यह भी दावा किया कि इस दौरान उसके कपड़े फाड़ दिए गए और उसका मोबाइल फोन जमीन पर पटककर क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
मामला यहीं नहीं रुका। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने उसके साथ थाने में भी मारपीट की और उल्टा उसी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। उसने सिटी कोतवाली थाना प्रभारी नवीन राजपूत पर आरोप लगाया कि उन्होंने उसकी शिकायत सुनने के बजाय एकतरफा कार्रवाई की। जया का कहना है कि कस्टडी के दौरान उसे बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी गईं।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। पीड़िता ने पूरे मामले की शिकायत दुर्ग के पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल से की है और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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