पब्लिक स्वर,दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल-बचेली क्षेत्र में खदानों के विरोध को लेकर स्थानीय युवाओं का आंदोलन तेज हो गया है। एनएमडीसी के सीएमडी अमिताव मुखर्जी के दो दिवसीय दौरे के दौरान युवाओं ने उनसे मुलाकात कर एनसीएल की भांसी स्थित खदान क्रमांक 04 और किरंदुल स्थित खदान क्रमांक 13 को निरस्त करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
युवाओं का आरोप है कि इन खदानों को शुरू करने के लिए फर्जी ग्रामसभा और दस्तावेजों का सहारा लिया गया है। उनका कहना है कि ग्रामीणों के विरोध के बावजूद परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, जिससे न केवल स्थानीय जनजीवन प्रभावित होगा बल्कि बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचेगा।
सीएमडी से मुलाकात से पहले दो दिनों तक क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन चलता रहा। पहले दिन युवाओं ने किरंदुल स्थित CISF चेकपोस्ट पर शांतिपूर्ण धरना दिया, जिसे अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त किया गया। हालांकि, अगले दिन भी मुलाकात नहीं होने पर आक्रोश बढ़ गया और बचेली में CISF चेकपोस्ट के सामने सीएमडी का पुतला दहन कर नारेबाजी की गई। अंततः तीसरे दिन सुबह प्रबंधन ने युवाओं की सीएमडी से मुलाकात करवाई। मुलाकात के दौरान युवाओं ने दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि खदानों से जुड़े अनुमति प्रक्रियाओं में पारदर्शिता नहीं बरती गई है। इस पर सीएमडी ने मामले को गंभीरता से सुना, जबकि मौजूद अधिकारियों से जवाब देने में असहजता नजर आई।
ज्ञापन में युवाओं ने खदान क्रमांक 04 और 13 को निरस्त करने के साथ ही सभी अनुमति दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग की है। इसके अलावा, किरंदुल नगर को धूलमुक्त बनाने और क्षेत्र में कार्यरत शासकीय कर्मचारियों के लिए आवास सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई। युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले समय में आंदोलन और उग्र हो सकता है। यह मामला अब प्रशासन और एनएमडीसी प्रबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आ रहा है, जहां विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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