पब्लिक स्वर,महासमुंद। महासमुंद जिले के बागबाहरा थाना क्षेत्र से मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां की रहने वाली 20 वर्षीय कामिनी नाग को अधिक कमाई का लालच देकर उत्तर प्रदेश ले जाया गया, जहां उसे महीनों तक बंधक बनाकर जबरन मजदूरी कराई गई। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पीड़िता ने 16 अप्रैल को बागबाहरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि ग्राम देवरी के रहने वाले शांता राम साहू और तोरण प्रजापति ने उसे 35 हजार रुपए एडवांस देने और अच्छी कमाई का झांसा दिया था। आरोपियों ने उसे उत्तर प्रदेश के एक ईंट भट्ठे में काम दिलाने का वादा किया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उसे बंधक बनाकर रखा गया।
कामिनी नाग के अनुसार, 10 अक्टूबर 2025 से 11 अप्रैल 2026 तक उससे लगातार कड़ी मजदूरी कराई गई। इस दौरान उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था और बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाती थी। किसी तरह मौका पाकर वह वहां से भाग निकली और अपने घर पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी शांता राम साहू (56) और तोरण प्रजापति (49) ग्राम देवरी, थाना कोमाखान के निवासी हैं। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 143(1)(d) और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बाहरी राज्यों में नौकरी के नाम पर मिलने वाले लालच से सावधान रहें और बिना पूरी जानकारी व सत्यापन के कहीं भी काम के लिए न जाएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी गई है।

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