पब्लिक स्वर,बिलासपुर। बिलासपुर में बेतरतीब निर्माण कार्यों से उपजी अव्यवस्था और धूल प्रदूषण ने शुक्रवार सुबह स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़कों पर ला दिया। देवरीखुर्द मोड़ पर नागरिकों ने चक्का जाम कर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया, जिससे करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
दरअसल, नेहरू चौक से दर्रीघाट तक लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा सड़क निर्माण किया जा रहा है, वहीं नगर निगम देवरीखुर्द और पुराने पावर हाउस क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने का काम करवा रहा है। दोनों विभागों के काम एक साथ और बिना समुचित समन्वय के चलने से इलाके में धूल का गुबार लगातार उड़ रहा था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसियों द्वारा सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा, जिससे सांस लेने में दिक्कत और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेताओं की अगुवाई में नागरिक सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अभयनारायण राय समेत कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने निर्माण कार्य की धीमी गति, अव्यवस्थित कार्यप्रणाली और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर नाराजगी जताई।
सूचना मिलते ही तहसीलदार प्रकाश साहू और सीएसपी गगन कुमार मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों को बुलाने का आश्वासन दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। सुबह 11 बजे से शुरू हुआ चक्का जाम दोपहर 12 बजे तक जारी रहा।
बाद में पीडब्ल्यूडी के एसडीओ आदित्य ग्रोवर, नगर निगम के कार्यपालन अभियंता अनुपम तिवारी और जोन कमिश्नर विभा सिंह मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि निर्माण कार्य के दौरान नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाएगा ताकि धूल पर नियंत्रण किया जा सके। साथ ही, उन्होंने एक सप्ताह के भीतर लालखदान ओवरब्रिज से पावर हाउस चौक तक सड़क निर्माण को चरणबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने की योजना साझा की। यह घटना शहर में चल रहे निर्माण कार्यों की समन्वयहीनता और निगरानी की कमी को उजागर करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाएं नहीं सुधारी गईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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