पब्लिक स्वर,बिलासपुर। बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र से एक मासूम बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों के लगातार बदलते बयानों और निजी क्लीनिक से जुड़े विवादित दावों के चलते मामला और जटिल हो गया है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
घटना जरहागांव थाना क्षेत्र के ग्राम अमलिकापा की है। बुधवार शाम करीब 5 से 5:30 बजे के बीच परिजन बच्ची को गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लीदरी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सीएचसी के डॉक्टर राज किरण शर्मा के अनुसार, बच्ची को अस्पताल लाए जाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी और उसे “ब्रॉट डेड” स्थिति में लाया गया था। मामला संदिग्ध लगने पर तत्काल पुलिस को सूचना दी गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवा दिया गया।
इस पूरे मामले में सबसे अहम पहलू परिजनों के बयान हैं, जो समय-समय पर बदलते रहे हैं। शुरुआत में परिजनों ने दावा किया कि बच्ची का इलाज एक निजी क्लीनिक में कराया गया था, जहां इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद उसे आनन-फानन में सीएचसी लाया गया। हालांकि पुलिस पूछताछ में परिजन अपने बयान से पलट गए और उन्होंने कहा कि बच्ची का कहीं भी इलाज नहीं कराया गया था। इस विरोधाभास ने मामले को और संदिग्ध बना दिया है।
वहीं, जिस निजी क्लीनिक का जिक्र किया गया था, उसके डॉक्टर ने परिजनों के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। डॉक्टर का कहना है कि बच्ची को दोपहर करीब 3:30 बजे तेज बुखार (लगभग 108 डिग्री) की हालत में लाया गया था। उन्होंने केवल स्पंजिंग की और कोई दवा या इंजेक्शन नहीं दिया। डॉक्टर के मुताबिक, न तो बच्ची का रजिस्ट्रेशन हुआ और न ही कोई चिकित्सकीय हस्तक्षेप किया गया।
इस पूरे घटनाक्रम में समय-सीमा और घटनाओं के क्रम को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। यदि बच्ची को दोपहर में तेज बुखार था, तो शाम तक उसकी हालत इतनी गंभीर कैसे हो गई? क्या समय पर उचित इलाज नहीं मिल पाया, या फिर कोई अन्य कारण जिम्मेदार है—इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी हो गई है।
थाना प्रभारी विवेक पाण्डेय ने बताया कि सीएचसी से मिली सूचना के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच में सभी बयानों, मेडिकल तथ्यों और तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया जाएगा। फिलहाल यह मामला कई अनुत्तरित सवालों के बीच उलझा हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के निष्कर्ष ही इस रहस्यमयी मौत की असली वजह सामने ला पाएंगे।

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