पब्लिक स्वर,रायपुर। रायपुर जिले में संचालित ‘स्मृति पुस्तकालय योजना’ अब जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार शुरू की गई इस पहल के तहत जरूरतमंद और प्रतिभावान युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक 8100 से अधिक पुस्तकें और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स दान किए जा चुके हैं, जिनका लाभ सैकड़ों विद्यार्थियों को मिल रहा है।
जनसहभागिता बनी अभियान की ताकत
योजना की खास बात यह है कि यह केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी से आगे बढ़ रही है। हाल ही में जिला पंचायत की लाइब्रेरियन डॉ. मीनाक्षी वाजपेयी ने इतिहास विषय की महत्वपूर्ण पुस्तकें जिला प्रशासन को दान कीं। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उनके योगदान की सराहना करते हुए प्रमाण पत्र और प्रेरक पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री तक पहुंच कई मेधावी विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में यह योजना उनकी तैयारी को मजबूती दे रही है।
पुस्तक दान से आगे—डिजिटल सहयोग भी
योजना के अंतर्गत केवल पुस्तकें ही नहीं, बल्कि ई-लर्निंग के लिए जरूरी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी दान किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र डिजिटल संसाधनों का लाभ उठा पा रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अद्यतन सामग्री और तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता बेहद आवश्यक है। ‘स्मृति पुस्तकालय योजना’ इसी अंतर को पाटने का प्रयास कर रही है।
युवाओं के भविष्य निर्माण का संकल्प
यह पहल केवल संसाधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास और सपनों को नई उड़ान देने का प्रयास है। कई विद्यार्थियों ने बताया कि महंगी किताबें खरीदना उनके लिए संभव नहीं था, लेकिन इस योजना से उन्हें जरूरी सामग्री सहज रूप से मिल पा रही है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस पुनीत अभियान से जुड़ें और ज्ञान दान के माध्यम से समाज के निर्माण में सहभागी बनें। पुस्तक या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करने के इच्छुक नागरिक प्रभात सक्सेना (मो. 94060 49000) और केदार पटेल (मो. 94255 02970) से संपर्क कर सकते हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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