छत्तीसगढ़ कैबिनेट में कई बड़े फैसलों पर लगी मुहर



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पब्लिक स्वर,रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम और दूरगामी फैसले लिए गए, जिनका असर सामाजिक ढांचे, अर्थव्यवस्था, उद्योग, खनन और कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ेगा। सरकार ने जहां समान नागरिक संहिता (UCC) की दिशा में कदम बढ़ाया, वहीं महिलाओं, सैनिकों और किसानों से जुड़े निर्णयों पर भी मुहर लगाई।

समान नागरिक संहिता की ओर पहला कदम

राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में Uniform Civil Code लागू करने की प्रक्रिया शुरू करते हुए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाने का निर्णय लिया है। यह समिति विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण जैसे मामलों में एक समान कानून का प्रारूप तैयार करेगी।

वर्तमान में अलग-अलग धर्मों के लिए अलग पर्सनल लॉ लागू हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया जटिल और असमान बनती है। अनुच्छेद 44 के तहत समान नागरिक संहिता का उद्देश्य कानून को सरल, पारदर्शी और समान बनाना है। समिति नागरिकों और विशेषज्ञों से सुझाव लेकर ड्राफ्ट तैयार करेगी, जिसे बाद में विधानसभा में पेश किया जाएगा।

महिलाओं को संपत्ति में बढ़ावा

महिलाओं के नाम पर भूमि रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50% की छूट देने का निर्णय लिया गया है। इससे महिलाओं को संपत्ति खरीदने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी। सरकार को इससे करीब 153 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा, लेकिन इसे महिला सशक्तिकरण के निवेश के रूप में देखा जा रहा है।

सैनिकों को राहत

सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25% छूट मिलेगी। बार-बार स्थानांतरण के कारण स्थायी निवास बनाने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उद्योग और निवेश को बढ़ावा

छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन कर सेवा क्षेत्र को स्पष्ट पात्रता दी गई है। PPP मॉडल को बढ़ावा, NBFC को शामिल करने और भूमि आवंटन प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसे कदम Ease of Doing Business को मजबूत करेंगे।

रेत खनन में बदलाव, एकाधिकार पर रोक

रेत खदानों को अब सरकारी उपक्रमों को भी आरक्षित किया जा सकेगा। इससे निजी पट्टेदारों के एकाधिकार को खत्म कर आपूर्ति में सुधार और कीमतों में स्थिरता लाने की कोशिश की गई है, खासकर दूरस्थ क्षेत्रों में।

खनन नियम सख्त, अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई

गौण खनिज नियमों में संशोधन कर अवैध खनन पर न्यूनतम 25 हजार से 5 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। बंद या निष्क्रिय खदानों पर सख्ती, रॉयल्टी सिस्टम का एकरूपीकरण और पर्यावरणीय शर्तों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस

दुधारू पशु योजना में सभी वर्गों को शामिल किया गया है, जिससे स्वरोजगार और आय में वृद्धि होगी। साथ ही पशुओं के टीकाकरण के लिए Indian Immunologicals Limited से सीधे खरीद की अनुमति दी गई है, ताकि समय पर वैक्सीन उपलब्ध हो सके और पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

10,536 करोड़ रुपये पेंशन भुगतान की वापसी

मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के बीच पेंशन दायित्वों के पुनर्गठन में हुई गड़बड़ी को सुलझाते हुए 10,536 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की वापसी पर सहमति बनी है। इसमें से 2,000 करोड़ पहले मिल चुके हैं, जबकि बाकी राशि 6 साल में किश्तों में मिलेगी।



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