फर्जी IPS सीबीआई बन ठगी करने वाला गिरोह बेनकाब, 5 आरोपी गिरफ्तार



post

पब्लिक स्वर,रायगढ़। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच रायगढ़ पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर लोगों से लाखों रुपये ठग रहा था। इस मामले में पुलिस ने राजस्थान के भीलवाड़ा से एक महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाया है। गिरोह ने शहर के सेवानिवृत्त विद्युत विभाग के पर्यवेक्षक नरेंद्र ठाकुर से 36.97 लाख रुपये की ठगी की थी।

घटना की शुरुआत जनवरी 2026 में हुई, जब पीड़ित के मोबाइल पर एक महिला का कॉल आया। उसने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) से जुड़ा अधिकारी बताते हुए कहा कि पीड़ित के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अवैध गतिविधियां की जा रही हैं। इसके बाद कॉल को कथित पुलिस और सीबीआई अधिकारियों से जोड़ा गया, जिन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और गिरफ्तारी की धमकी दी। इसी दौरान एक व्यक्ति ने वीडियो कॉल कर खुद को आईपीएस अधिकारी बताया और ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय पैदा किया। लगातार दबाव और डर के माहौल में पीड़ित से बैंक डिटेल ली गई और 30 जनवरी से 11 फरवरी के बीच अलग-अलग खातों में कुल 36,97,117 रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।

परिजनों को जानकारी होने पर मामला सामने आया और 17 फरवरी को साइबर थाना रायगढ़ में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं और आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, बैंक ट्रांजैक्शन और मोबाइल डेटा की जांच में सामने आया कि ठगी की रकम का हिस्सा राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित खातों में गया है। इसके बाद एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर पुलिस की टीम वहां पहुंची और मुख्य आरोपी राहुल व्यास को हिरासत में लिया, जो बंधन बैंक में कर्मचारी है।

राहुल व्यास से पूछताछ में पूरे गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस ने रविराज सिंह, उसकी पत्नी आरती राजपूत, संजय मीणा और गौरव व्यास को भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि आरती राजपूत वेब डेवलपर है और तकनीकी तौर पर गिरोह की मदद करती थी। सभी आरोपी मिलकर संगठित तरीके से ठगी को अंजाम देते थे और रकम का प्रतिशत के हिसाब से आपस में बंटवारा करते थे।

आरोपियों के मोबाइल फोन और लैपटॉप से व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनसे साफ हुआ कि गिरोह देशभर में सक्रिय था। जांच में एक आरोपी के खाते में करीब 60 लाख रुपये के लेनदेन का पता चला है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने अलग-अलग राज्यों में करीब 1.40 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की है। सभी आरोपियों के बैंक खातों को सीज कर दिया गया है और आगे की जांच जारी है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि ‘डिजिटल अरेस्ट’, फर्जी पुलिस या सीबीआई अधिकारी बनकर आने वाले कॉल से सतर्क रहें। किसी भी स्थिति में फोन या वीडियो कॉल पर पैसे ट्रांसफर न करें और ऐसी घटना होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।



PUBLICSWARNEWS CGNEWS CGPOLICENEWS RAYGADHNEWS FARJIIPLSNEWS FARJIIPSAURCBIBANTHAGINEWS FARJIIPSAURCBIBANTHAGIKARNEVALAGIROHBENAKABNEWS

You might also like!


RAIPUR WEATHER