रिपोर्ट - राजेश रात्रे
पब्लिक स्वर,धमतरी। धमतरी जिले में निरंतर अमानक खाद्य,नकली कीटनाशक व घटिया बीज सालों से खपाया जा रहा है। धनहा धमतरी के नाम से मशहूर जिले की पहचान अब नकली खाद्य, बीज और कीटनाशक के सिंडिकेटों के नाम से हो रही है।जिले में सालों से यह सिंडिकेट सक्रिय है।DDA मोनेश साहू जिले के छोटे-छोटे दुकानों पर अनियमितता का आरोप लगाकर कार्यवाही करके मीडिया की सुर्खियां बटोर रहे हैं तो वहीं बड़े सिंडिकेटों के समक्ष नतमस्तक है।
गौरतलब है कि धमतरी जिला कृषि उत्पादनों के लिए प्रसिद्ध यहां धान का उत्पादन अत्यधिक होता है। लिहाजा खेती किसानी में उपयोग की जानेवाली खाद्य,बीज और दवाइयों की मांग भारी मात्रा में होता है। यही कारण है कि यह अन्य प्रदेश से आए बिजनेसमैन धमतरी में कृषि से संबंधित इन्वेस्ट कर करोड़ों कमाने के फिराक में है।यह वही लोग है जो धनहा धमतरी की प्रतिष्ठा पर बदनुमा दाग लगाने अमानक खाद्य, नकली बीज और गुणवत्ताहीन कीटनाशक किसानों को विक्रय कर रहे है।इस खेल में धमतरी जिले के बड़े व्यापारी भी संलिप्त है।
विभागीय संरक्षण में वर्षों से जिले में अमानक बीजों का कारोबार
फसल उत्पादन उन्नत बीजों पर निर्धारित होता है।अच्छी गुणवत्ता युक्त बीज भरपूर पैदावार देता है।परन्तु अफसोस धमतरी जिले में पिछले कई वर्षों से गुणवत्ताहीन बीजों का बाजार सज रहा है।DDA मोनेश साहू ने जैसे किसानों को कंगाल करने की कसम खाई हो।धमतरी जिले में कई फर्जी बीज कंपनी संचालित है जो किसानों से 25 रुपए में धान खरीदकर कंपनी बोरे में पैकिंग कर 100 रूपया किलो तक बेच रहे है।
गौरतलब है कि 2024 खरीफ की सीज़न मे DDA मोनेष साहू ने रातों रात नकली बीज का गोदाम खाली करवाकर नकली बीज के सिंडिकेटों को संरक्षण दिया। इस बार भी दुर्भाग्य से कृषि विभाग का प्रतिनिधित्व वही कर रहा है लिहाज़ा नकली बीज के व्यापार को खुला समर्थ अभी से प्राप्त हो रहा है।
गुणवत्ताहीन कीटनाशकों की पैकिंग धमतरी में ही
सूत्र बताते है कि धमतरी में कीटनाशक का प्लांट है इस प्लांट में कई प्रतिष्ठित कंपनी के कीटनाशकों का उत्पादन किया जा रहा है।घटिया क्वालिटी के केमिकल बल्क में खरीदकर स्थानीय कंपनी के प्रतिष्ठित मल्टीनेशनल कंपनी का रैपर चिपकाकर बेचा रहे है। कंपनी के ओरिजिनल कीटनाशक के मुकाबले कुछ सस्ते में किसानों को बेचा जाता है।जबकि उनकी उत्पादन लागत कई गुना कम होता है।उत्पादन लागत से कई गुना मुनाफा व्यापारी झटक ले रहे है।जबकि कीटनाशक का परफॉर्मेश फसलों में शून्य के बराबर होता है।अब ऐसे में सिर्फ और सिर्फ किसानों की जेब ढीली हो रही है।
रिटेलरों पर कार्यवाही सरगनाओं को संरक्षण
DDA मोनेश साहू छोटे दुकानों पर निरीक्षण कर खाद्य विक्रय पर प्रतिबंध लगा रहा है।तो कई को नोटिस थमाकर कार्यवाही करने खानापूर्ति कर रहा है।ताकि कलेक्टर अविनाश मिश्रा के नजर में उनका नंबर बढ़ सके।जबकि जिले में एक भी अवैध प्रोसेसिंग प्लांट पर कार्यवाही नहीं किया गया है ना ही बड़े सिंडिकेटों का खुलासा हो रहा है।अवैध गुणवत्ताहीन कीटनाशक निर्माताओं एवं डिस्ट्रीब्यूटरों पर कार्यवाही करना कृषि विभाग के शीर्ष अधिकारी की जिम्मेदारी शायद नहीं है।अब ऐसे में किसान क्या करे।कर्ज के दलदल में दस जाए या किसानी करना छोड़ दे।

User 1













