पब्लिक स्वर,दंतेवाड़ा। बैलाडीला की हरी-भरी वादियों और ऊंची-ऊंची पहाड़ियों के बीच स्थित आकाश नगर का हनुमान मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। प्राकृतिक सुंदरता के बीच बना यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि क्षेत्रवासियों के लिए विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार वर्ष 2008 में एक चमत्कारिक घटना के बाद इस मंदिर की स्थापना हुई थी। मान्यता है कि एनएमडीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी को सपने में स्वयं बजरंगबली ने दर्शन दिए थे। इसके बाद स्थानीय ठेकेदारों और सिविल विभाग के संयुक्त प्रयास से मंदिर का निर्माण कराया गया।
मंदिर में काले पत्थर से बनी हनुमान जी की भव्य प्रतिमा की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की गई। स्थापना के बाद से यहां श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। दूर-दूर से लोग यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि मंदिर बनने के बाद आसपास होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आई है। चाहे एनएमडीसी प्लांट क्षेत्र हो या बैलाडीला की कठिन और खतरनाक पहाड़ी सड़कें, लोग इसे बजरंगबली की कृपा से जोड़कर देखते हैं।
हर वर्ष हनुमान जयंती, मंदिर स्थापना दिवस और नववर्ष के पहले मंगलवार को यहां विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। इस दौरान सुंदरकांड पाठ, भजन-कीर्तन, हवन और प्रसाद वितरण जैसे कार्यक्रम आयोजित होते हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और विकास की कामना करते हैं। हनुमान जयंती के अवसर पर मंदिर परिसर में भक्ति और उत्साह का अद्भुत माहौल देखने को मिलता है। बैलाडीला की मनमोहक पहाड़ियों के बीच स्थित यह मंदिर दंतेवाड़ा की धार्मिक पहचान को और अधिक खास बना रहा है।

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