स्कूल में धर्म के अपमान का लगा आरोप:परीक्षक ने छात्रा से कटार और कृपाण निकालने कहा,सिख समाज ने जताया विरोध



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 पब्लिक स्वर,रायपुर। जानकारी के मुताबिक तीन-चार मार्च को होलीक्रास स्कूल में सिख समाज की एक बालिका परीक्षा देने के लिए पहुंची तो उसे परीक्षा देने से रोक दिया गया। खबर के अनुसार परीक्षक ने बालिका से शरीर में धारण किए गए कृपाण और कटार को निकालने को कह दिया। बालिका ने यह कहते हुए मना कर दिया कि वे सिख धर्म की हैं और धर्म के नियमों के अनुरूप ही कटार धारण कर रखा है। बालिका को चेतावनी देते हुए दोबारा कटार पहनकर नहीं आने को कहा गया। बालिका ने घर आकर इसकी जानकारी दी।जिस पर सिख समाज के पदाधिकारी स्कूल पहुंच गए और इसे धर्म का अपमान बताते हुए विरोध जताने लगे। उन्होंने कहा कि सिख समाज के लोग केश, कड़ा, कंघा, कृपाण और पगड़ी धारण करने के नियमों का पालन करते हैं। विधानसभा, लोकसभा समेत सभी जगहों में इन्हें पहनकर जाने से उन्हें नहीं रोका जाता। ऐसे में स्कूल में बंदिश क्यों लगाई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कृत्य के लिए यदि माफी नहीं मांगी गई तो देशभर में विरोध जताया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए आखिरकार प्राचार्य ने माफी मांग ली। इस पर सिख समाज के लोग भी शांत हो गए।

रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी आर एल ठाकुर

वहीं रायपुर डीईओ आरएल ठाकुर ने कहा, घटना की जानकारी अब तक हमारे पास नहीं आई है,लेकिन धार्मिक दृष्टिकोण से किसी पर भी रोक लगाना सही नहीं है।मामले की जांच कराई जाएगी और इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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