पब्लिक स्वर,कोरबा। NTPC कोरबा में ठेका श्रमिकों को न्यूनतम वेतन नहीं मिलने और श्रम कानूनों के कथित उल्लंघन के मामले में केंद्रीय श्रम विभाग ने संज्ञान लिया है। क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), बिलासपुर के अधीन श्रम प्रवर्तन अधिकारी (केंद्रीय) ने NTPC प्रबंधन को तीन दिनों के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
यह कार्रवाई INTUC के जिला अध्यक्ष शशांक दुबे द्वारा की गई शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि NTPC कोरबा में कार्यरत ठेका श्रमिकों को मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। साथ ही कई श्रमिकों को B Area के बजाय कम वेतन दिया जा रहा है, जबकि कुछ को C Area के निर्धारित न्यूनतम वेतन से भी कम मजदूरी मिल रही है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि श्रमिकों से सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम कराया जा रहा है, लेकिन अतिरिक्त कार्य के बदले नियमानुसार ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता। इतना ही नहीं, वेतन की मांग करने वाले श्रमिकों को कथित रूप से धमकाने और प्रताड़ित करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
श्रम विभाग द्वारा जारी पत्र में NTPC प्रबंधन से शिकायत के सभी बिंदुओं पर विस्तृत टिप्पणी, वेतन भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड तथा श्रम कानूनों के अनुपालन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है। शशांक दुबे ने कहा कि Contract Labour (Regulation and Abolition) Act, 1970 के तहत यदि ठेकेदार न्यूनतम वेतन का भुगतान नहीं करता है, तो Principal Employer के रूप में NTPC की जिम्मेदारी बनती है कि श्रमिकों को नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करे।
उन्होंने केंद्रीय श्रम आयुक्त और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से NTPC कोरबा में संयुक्त निरीक्षण कराने तथा शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ Code on Wages, 2019, Contract Labour (Regulation and Abolition) Act, 1970 एवं अन्य लागू श्रम कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। INTUC ने उम्मीद जताई है कि केंद्रीय श्रम विभाग निष्पक्ष जांच कर ठेका श्रमिकों को उनका वैधानिक न्यूनतम वेतन, बकाया राशि, ओवरटाइम भुगतान और अन्य श्रम अधिकार सुनिश्चित करेगा।

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