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धमतरी में मूसलाधार बारिश से बढ़ा बाढ़ का खतरा, गंगरेल बांध के 3 गेट खुले
पब्लिक स्वर,धमतरी। धमतरी जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच नदी-नालों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। क्षेत्र के प्रमुख जलाशयों में पानी लगभग लबालब होने के बाद प्रशासन ने जलप्रवाह नियंत्रित करने के लिए गंगरेल बांध (रविशंकर सागर जलाशय) के तीन गेट खोल दिए हैं। बांध से कुल 4,670 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें 3,360 क्यूसेक पानी महानदी में और 1,410 क्यूसेक पानी रुद्री बैराज के रास्ते मुख्य नहर में प्रवाहित किया जा रहा है।
मौसम विभाग की ओर से आगामी दिनों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में महानदी समेत आसपास के नदी क्षेत्रों में जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने नदी तट और निचले इलाकों में बसे गांवों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है।
98 फीसदी से ज्यादा भर चुका मुरूमसिल्ली जलाशय
धमतरी जिले के प्रमुख जलाशयों में लगातार पानी की आवक बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मुरूमसिल्ली जलाशय 98.61 प्रतिशत भर चुका है और यहां 362 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। वहीं गंगरेल जलाशय 97.40 प्रतिशत भर चुका है और इसमें करीब 3,365 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है।
इसके अलावा दुधावा जलाशय 86.86 प्रतिशत भर चुका है, जहां 437 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। सोंढूर जलाशय 69.25 प्रतिशत तक भर चुका है और यहां 167 क्यूसेक पानी पहुंच रहा है। लगातार बढ़ती आवक को देखते हुए जलाशयों में पानी का दबाव नियंत्रित करने के लिए गंगरेल से पानी छोड़ा जा रहा है।
24 घंटे अलर्ट मोड पर प्रशासन
बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने अधिकारियों और मैदानी अमले को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। नदी तटीय गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को बढ़ते जलस्तर और संभावित खतरे के प्रति आगाह किया जा रहा है।
प्रशासन ने लोगों से नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास नहीं जाने की अपील की है। साथ ही उफनती नदी या नाले को पार करने का प्रयास नहीं करने की चेतावनी दी गई है।
जरूरत पड़ने पर राहत केंद्रों में पहुंचाए जाएंगे लोग
प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जलस्तर बढ़ने या बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर बनाए गए राहत केंद्रों में पहुंचाने की तैयारी की गई है।
प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल अधिकृत प्रशासनिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। लगातार बारिश और जलाशयों में बढ़ती आवक के मद्देनजर आने वाले घंटों में स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।