पब्लिक स्वर,बलरामपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में महतारी वंदन योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। एक मृत महिला लाभार्थी के बैंक खाते में लगातार योजना की राशि जमा होती रही, जिसके बाद कलेक्टर ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मामला वाड्रफनगर जनपद क्षेत्र के रघुनाथ नगर परियोजना अंतर्गत बेतो खास आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़ा है। मीडिया रिपोर्ट के बाद गठित जांच समिति ने 8 दिसंबर 2025 को अपनी रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय को सौंपी। जांच में सामने आया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सोनकुमारी उपाध्याय ने अपनी मृत सास का आईडी अपडेट/होल्ड करने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहने के बाद भी इसकी जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी।
रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि कार्यकर्ता ने मृतका के खाते से कोई राशि नहीं निकाली और न ही किसी प्रकार की धोखाधड़ी या फर्जीवाड़ा किया। बैंक स्टेटमेंट के अनुसार कोई अवैध आहरण नहीं हुआ है।
इसके बावजूद, 10 महीने तक मृत्यु की सूचना अधिकारियों को न देना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना गया है। नियमों के अनुसार हितग्राहियों का सत्यापन और आईडी निष्क्रिय कराने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की होती है।
कलेक्टर ने इस पूरे मामले को घोर लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता की श्रेणी में रखते हुए सोनकुमारी उपाध्याय को सेवा से पृथक करने के निर्देश दिए हैं। संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि कार्रवाई तत्काल पूरी कर उसकी रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय में जमा की जाए। यह प्रकरण सरकारी योजनाओं में निगरानी तंत्र की भूमिका और जमीनी स्तर पर जवाबदेही की गंभीरता को उजागर करता है।

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