पब्लिक स्वर,धमतरी। धमतरी जिले के मगरलोड थाना और करेली चौकी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कथित अवैध जुआ संचालन के मामले को पब्लिक स्वर द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद पुलिस टीम कथित जुआ फड़ की सूचना पर मौके पर पहुंची। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही कथित रूप से फड़ संचालक और जुआरी वहां से फरार हो चुके थे।
सूत्रों का दावा है कि कार्रवाई की सूचना पहले ही किसी पुलिसकर्मी द्वारा कथित सिंडिकेट तक पहुंचाई गई थी, जिसके चलते उन्होंने अपना ठिकाना बदल लिया। अब यह दावा किया जा रहा है कि कथित जुआ सिंडिकेट किशोरा नाला के पार संचालित किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिंडिकेट को पुलिस तंत्र के भीतर से संरक्षण मिल रहा है, जिसके कारण इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क से जुड़े एक जिला बदर आरोपी के रायपुर में रहने और वहीं से कथित रूप से गतिविधियों का संचालन कर है।
एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने पुलिस अधीक्षक से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर कथित जुआ सिंडिकेट, उसके फाइनेंसिंग नेटवर्क, जिला बदर आरोपी की भूमिका तथा यदि किसी स्तर पर पुलिस संरक्षण मिला हो तो उसकी भी गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सूत्रों के अनुसार हाल ही में धमतरी जिले में पदस्थ हुई पुलिस अधीक्षक भावना पाण्डेय की कार्यशैली साफ-सुथरी और सख्त कार्रवाई के लिए जानी जाती है। ऐसे में पब्लिक स्वर की इस खबर के सामने आने के बाद अब लोगों की निगाहें एसपी भावना पाण्डेय पर टिकी हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या वे मगरलोड-करेली क्षेत्र में सक्रिय बताए जा रहे इस कथित जुआ सिंडिकेट पर प्रभावी कार्रवाई कर पाएंगी? क्या इस कथित अवैध कारोबार से प्रभावित परिवारों को इस जुए के जाल से राहत मिल पाएगी? इन सभी सवालों के जवाब अब पुलिस की आगामी कार्रवाई से सामने आएंगे।
फिलहाल पब्लिक स्वर इस पूरे मामले की लगातार पड़ताल कर रहा है। विश्वसनीय सूत्रों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। यदि जांच के दौरान पुलिसकर्मियों अथवा अन्य लोगों की संलिप्तता से जुड़े ठोस साक्ष्य सामने आते हैं, तो पब्लिक स्वर इस कथित संरक्षण तंत्र और पूरे सिंडिकेट का विस्तृत खुलासा करेगा।
बने रहिए पब्लिक स्वर के साथ, जल्द होगा इस कथित जुआ सिंडिकेट और उसके संरक्षण नेटवर्क से जुड़े कई बड़े खुलासे।

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