पब्लिक स्वर,धमतरी। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने सोमवार को जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों, राजपत्रित अधिकारियों और विभिन्न शाखा प्रभारियों की क्राइम मीटिंग लेकर अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और तकनीक आधारित पुलिसिंग को लेकर विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि समय-सीमा से अधिक लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए और आमजन की शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में 31 जुलाई 2026 तक लंबित अपराधों की वर्षवार और अपराधवार समीक्षा की गई। एसपी ने प्रत्येक लंबित प्रकरण की विवेचना की स्थिति, देरी के कारण और जांच की प्रगति की जानकारी लेते हुए 60 और 90 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और प्रभावी कार्रवाई पर विशेष जोर दिया।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, समंस और स्थायी वारंटों की तामीली, निगरानी एवं गुंडा बदमाशों की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। एसपी ने आदतन अपराधियों पर लगातार निगरानी रखने तथा जिलाबदर की कार्रवाई के लिए चिन्हित अपराधियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 तक की प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, बाउंड ओवर कार्रवाई और कानून-व्यवस्था संबंधी मामलों की समीक्षा भी की गई। थाना स्तर पर शांति समिति, सड़क सुरक्षा समिति और महिला कमांडो की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
एसपी भावना पांडेय ने तकनीक आधारित पुलिसिंग को मजबूत करने पर जोर देते हुए CCTNS, ई-साक्ष्य, ई-एफएसएल, ई-प्रोसिक्यूशन, Cri-MAC, DG/IG डैशबोर्ड समेत विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म की समीक्षा की। साथ ही त्रिनयन, सक्षम, ICJS, CEIR, NETGRID और अन्य तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर अपराधियों की पहचान, साक्ष्य संकलन और विवेचना को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को यह भी निर्देशित किया कि थानों में लगे CCTV कैमरे हमेशा चालू और कार्यशील रहें तथा उनकी रिकॉर्डिंग नियमित रूप से उपलब्ध रहे। इसके अलावा शासकीय वाहन, वायरलेस सेट, कंप्यूटर और अन्य संसाधनों का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा गया।
एसपी ने कहा कि प्रभावी पुलिसिंग का आधार त्वरित कार्रवाई, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग और आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार है। उन्होंने सभी अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों का समय-सीमा के भीतर पालन करने और अगली समीक्षा बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
क्राइम मीटिंग में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवचरण पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय, एसडीओपी कुरूद रागिनी मिश्रा, डीएसपी यशकरण दीप ध्रुव, डीएसपी भानू प्रताप चंद्राकर, एसडीओपी नगरी विपिन रंगारी सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी, साइबर थाना, अजाक थाना, यातायात, कंट्रोल रूम तथा पुलिस कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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