अभनपुर post authorUser 1 03 February 2025

CG NEWS: बड़ा खुलासा:– रेंजर तीर्थ राज साहू और उनके सहायकों ने साथ मिलकर किया बड़ा कारनामा



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पब्लिक स्वर रायपुर-रायपुर जिले में लगातार अर्जुन की कटाई हो रही है।आरा मिलों में चिराई कर तस्करी भी जारी है।राजधानी के सीमावर्ती जिला धमतरी से गरियाबंद से निरंतर अर्जुन की तस्करी कर अभनपुर स्थित अरामिलों में बेरोकटोक चिराई कर रहे है।ऐसा नहीं कि यह वन विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में नहीं है।वन विभाग अधिकारी रेंजर,डिप्टी रेंजर सीसीएफ राजू अगसमनी के कड़ी निर्देश के बाद अर्जुन की तस्करी रोकने अभनपुर का खाक छान रहे है।जैसे ही अर्जुन से भरी गाडियां पकड़ में आ रही है। सीसीएफ के आदेशों को दरकिनार कर सेटिंग गेम कर रहे है और अर्जुन डिपो में डंप कर वाहनों पर रहम कर रहे है।वाहन मालिकों से गुफ्तगू कर अवैध परिवहन मे संलिप्त वाहनों को छोड़ कर रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वन विभाग के रेंजर तीर्थराज साहू, तर्री डिपो प्रभारी अभिषेक श्रीवास्तव जो पूर्व में अभनपुर डिप्टी रेंजर रह चुके है एवं इलिसबा खेस ने संयुक्त रूप से घेराबंदी कर अर्जुन परिवहन मे संलिप्त ट्रेक्टर को धर दबोचा।फिर क्या था..तीनों अधिकारियों ने अर्जुन सहित वाहन को अभनपुर स्थित डिपो में लाकर खड़ा कर दिया। वाहन मालिकों से बात का सिलसिला शुरू हुआ तो पता चला कि वाहन अभनपुर के किसी अर्जुन माफिया का है।

अधिकारी कृत्यता निभाते हुए वन संरक्षण अधिनियम को ताक पर रखकर तत्काल बगैर कार्यवाही किए छोड़ दिया। अब ऐसे में आकलन किया जा सकता है की विभागीय अधिकारी अर्जुन के कत्ले -आम में किस कदर संलिप्त है।

शातिर हो रहे अर्जुन माफिया,गाड़ी की पहचान ना हो इसलिए नंबर प्लेट से भी छेड़छाड़

अर्जुन माफियों ने पहचान छुपाने तस्करी में प्रयुक्त वाहन के नंबर को मिटा दिया है ताकि तस्करी में लगे वाहनों की पहचान छुपाई जा सके।आरटीओ भी इस पर कार्यवाही नहीं करती तो अब तो भगवान ही मालिक है। पब्लिक स्वर की टीम के पास ट्रेक्टर का डिपो में आना और लकड़ी खाली कर जाने का पूरा वीडियो सुरक्षित है अब देखने वाली बात होगी कि उच्च अधिकारियों द्वारा ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर क्या कार्यवाही होगी?


अर्जुन माफियों पाप लगेंगे पाप..!

अर्जुन की कटाई में जिस तन्मयता से विभागीय अधिकारी माफियों का साथ दे रहे है।और शिर्शाधिकरी मौन समर्थन दे रहे है।इससे यह स्पष्ट है कि अब निचले अधिकारियों को उच्चाधिकारियों के आदेशों का कोई डर नहीं है।और ना ही माफियों को विभागीय अधिकारियों से डर है।अब ऐसे में भगवान से ही डर लो अर्जुन माफियों और मौन सहमति देने वालों अर्जुन के कत्ले-आम का पाप लगेगा पाप।

वहीं इस पूरे मामले पर डीएफओ पटेल का कहना है कि ऐसे मामलों में लकड़ी व वाहन को जप्त कर नियमतः वन अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उच्च कार्यलय को प्रेषित किया जाता है।यदि ऐसा नहीं हुआ होगा तो संलिप्तों पर कार्रवाई की जाएगी।



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