Header Ad


देश post authorUser 1 18 December 2025

शिवसेना से जुड़े संगठनों ने सरकार के सामने रखीं 15 बड़ी मांगें, हिन्दूराष्ट्र से लेकर पेट्रोल टैक्स तक मुद्दे उठे



post

पब्लिक स्वर। प्रदेश में शिवसेना से जुड़े संगठनों और पदाधिकारियों ने एक बैठक/कार्यक्रम के दौरान सरकार के सामने अपनी विभिन्न मांगें रखीं। इन मांगों में देश की शासन व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, धार्मिक मामलों, नागरिक अधिकारों और आर्थिक राहत से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।

संगठन की ओर से प्रमुख रूप से यह मांग की गई कि देश में हिन्दूराष्ट्र का निर्माण चरणबद्ध तरीके से अगले 10 वर्षों में किया जाए। इसके साथ ही गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गौहत्या करने वालों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई। संगठन ने गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की भी बात कही।

बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC) को पूरे देश में लागू करने की मांग उठाई गई, ताकि सभी नागरिकों को समान अधिकार मिल सकें। साथ ही सीएए और एनआरसी को देशभर में लागू करने की मांग की गई।

जनसंख्या नियंत्रण कानून को सभी वर्गों पर समान रूप से लागू करने की बात कही गई। संगठन का कहना है कि कानून का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

धार्मिक स्थलों को लेकर यह मांग रखी गई कि किसी भी धर्म के धार्मिक स्थल का देश की एकता या सुरक्षा के खिलाफ दुरुपयोग होने पर उसे सील कर राजसात किया जाए। इसके साथ ही सभी धार्मिक स्थलों के साथ समान व्यवहार करने, मदरसा और मौलवियों को मिलने वाली सरकारी मदद बंद करने तथा विदेशी फंडिंग पर रोक लगाने की मांग भी की गई। संगठन ने यह भी कहा कि मंदिरों से लिए जाने वाले कर का उपयोग केवल हिंदू धार्मिक स्थलों के विकास में किया जाए।

दंगों में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा गया कि दोषियों को आजीवन कारावास, वोट के अधिकार से वंचित करने और सरकारी सुविधाओं पर रोक जैसे कड़े प्रावधान किए जाएं।

संगठन ने अभिव्यक्ति की आजादी पर सीमित नियंत्रण लगाने की मांग भी की, ताकि धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर किसी का अपमान न हो।

इसके अलावा रोहिंग्या मुसलमानों और पाकिस्तानी घुसपैठियों की पहचान के लिए त्रिस्तरीय जांच प्रणाली लागू करने और कानून में संशोधन कर कड़ी सजा देने की मांग रखी गई।

कानून-व्यवस्था को लेकर कहा गया कि जिन राज्यों में स्थिति ठीक नहीं है, वहां केंद्र सरकार को आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के माध्यम से सीधे हस्तक्षेप करने का अधिकार दिया जाए।

कश्मीर को लेकर संगठन ने मांग की कि देश के अन्य हिस्सों से वहां बसने के इच्छुक लोगों को जमीन खरीदने में विशेष छूट दी जाए और उन्हें आत्मरक्षा के लिए हथियार लाइसेंस भी दिया जाए।

आर्थिक मोर्चे पर संगठन ने पेट्रोलियम पदार्थों पर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा लगाए जाने वाले कर समाप्त करने की मांग की, जिससे आम जनता को महंगाई से राहत मिल सके।

कार्यक्रम में प्रदेश स्तर के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। अंत में संगठन की ओर से कहा गया कि ये सभी मांगें देशहित और जनहित को ध्यान में रखकर रखी गई हैं।

उक्त महाधरना में प्रदेश अध्यक्ष

धन्यवाद परिहार, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष

मधुकर पांडेय, युवा सेना प्रदेश अध्यक्ष सन्नी देशमुख, प्रदेश सचिव आनंद तिवारी, सचिव

चंदन सोनी, प्रदेश महासचिव

संतोष, प्रदेश उपाध्यक्ष (कामगार सेना)बल्लू जांगड़े तथा सैकड़ों शिवसेना के कार्यकर्ता भारी मात्रा में उपस्थित रहे।



PUBLICSWARNEWS CGNEWS SIVSENANEWS SARKARKESAMNE15BADIMANGENEWS

You might also like!