राजनीति
हाथियों की दहशत के बीच ग्रामीणों से मिले सांसद चिंतामणि महाराज, मुआवजे का आश्वासन
पब्लिक स्वर,सरगुजा। उदयपुर क्षेत्र में 26 हाथियों के दल की मौजूदगी से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। बुधवार रात हाथियों के दल में शामिल एक शावक की करंट लगने से मौत के बाद आसपास के गांवों में हाथियों ने उत्पात मचाया। हाथियों ने फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ रामनगर में एक घर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात करने शनिवार को सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज उदयपुर पहुंचे।
सांसद चिंतामणि महाराज ने लक्ष्मणगढ़ और रामनगर पहुंचकर हाथी प्रभावित ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों का दल करमकठरा जंगल में डटा हुआ है। शाम होते ही हाथी जंगल से निकलकर गांवों की ओर पहुंच जाते हैं और धान समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हाथियों के डर से ग्रामीणों को रातभर जागकर घर और फसलों की रखवाली करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने सांसद को बताया कि हाथियों के गांव में पहुंचने के बाद कई परिवारों को अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है। वहीं, कुछ ग्रामीण फसलों और घरों की निगरानी के लिए जोखिम उठाने को मजबूर हैं।
सांसद चिंतामणि महाराज ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि हाथियों से हुए फसल नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर हाथियों को खदेड़ने की कोशिश न करें। उन्होंने कहा कि हाथियों से क्षतिग्रस्त घरों के लिए भी नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा।
इस दौरान सांसद ने हाथी के शावक की करंट लगने से हुई मौत की जानकारी भी ली और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने फसलों की सुरक्षा के लिए लगाए गए तरंगित तारों को हटवाने का निर्देश दिया, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
रामनगर में बस्ती से दूर रहने वाले 8 पंडो परिवारों की समस्याएं भी सांसद के सामने रखी गईं। ग्रामीणों ने बताया कि उनके बच्चों को आंगनबाड़ी जाने के लिए एक किलोमीटर से अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। इस पर सांसद ने आंगनबाड़ी केंद्र शुरू कराने के लिए पहल करने का आश्वासन दिया और अधिकारियों से भी चर्चा की।
ग्रामीणों ने नाले पर पुलिया निर्माण की मांग भी रखी। उनका कहना था कि बारिश के दौरान पुलिया नहीं होने के कारण आवागमन में काफी परेशानी होती है। सांसद ने इस मांग पर भी आवश्यक पहल का भरोसा दिलाया।
मौके पर मौजूद एसडीओ फॉरेस्ट सपना मुखर्जी ने बताया कि हाथी प्रभावित ग्रामीणों को फसल नुकसान का मुआवजा करीब एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने भी ग्रामीणों से अपील की कि फसल बचाने के लिए हाथियों को खदेड़ने का प्रयास न करें। वन विभाग की टीम हाथियों के दल की लगातार निगरानी कर रही है।
निरीक्षण के दौरान उदयपुर एसडीएम, तहसीलदार, रेंजर समेत राजस्व और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।