पब्लिक स्वर,धमतरी। साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के बीच लोगों को ऑनलाइन ठगी और डिजिटल फ्रॉड से बचाने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस ने प्रदेशव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ शुरू किया है। 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान के तहत धमतरी जिले में भी व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय धमतरी के ऐतिहासिक एकलव्य खेल परिसर परेड ग्राउंड में आयोजित ध्वजारोहण समारोह के बाद मुख्य अतिथि एवं कुरूद विधायक अजय चंद्राकर ने ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ लेकर अभियान में जिलेवासियों की भागीदारी का संदेश दिया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, मीडिया प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से अभियान से जुड़ने की अपील की।
अभियान का प्रदेश स्तरीय शुभारंभ राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा द्वारा किया गया। इसी कड़ी में धमतरी पुलिस ने भी अभियान को जनभागीदारी से जोड़ते हुए सोशल मीडिया से लेकर सार्वजनिक स्थानों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने की तैयारी की है।
अजय चंद्राकर ने कहा कि जिस तरह देश की स्वतंत्रता के लिए पूरा राष्ट्र एकजुट हुआ था, उसी भावना के साथ साइबर अपराध के खिलाफ भी समाज के हर वर्ग को जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से बचाव केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
अभियान की खास पहल ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ है। नागरिक छत्तीसगढ़ पुलिस और जिला पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध लिंक या QR Code के जरिए जागरूकता संदेश वाली सेल्फी फ्रेम में फोटो लेकर सोशल मीडिया पर साझा कर सकेंगे। इसका उद्देश्य साइबर सुरक्षा से जुड़ा संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।
सात सप्ताह में अलग-अलग वर्गों पर रहेगा फोकस
धमतरी पुलिस ने अभियान के दौरान हर सप्ताह अलग-अलग साइबर अपराधों और लक्षित वर्गों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है।
पहले सप्ताह में स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों को डिजिटल सतर्कता और बुनियादी साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी दी जाएगी। दूसरे सप्ताह में बैंकों और वित्तीय संस्थानों के सहयोग से वित्तीय धोखाधड़ी और UPI सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलेगा।
तीसरे सप्ताह में वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल से बचने के तरीके बताए जाएंगे। चौथे सप्ताह में महिला कॉलेजों और सामुदायिक समूहों के बीच स्मार्टफोन प्राइवेसी और सुरक्षित ब्राउजिंग को लेकर कार्यक्रम होंगे।
पांचवें सप्ताह में रोजगार कार्यालय, ITI और कौशल विकास केंद्रों में युवाओं को जॉब फ्रॉड और फिशिंग से बचाव की जानकारी दी जाएगी। छठे सप्ताह में डेटा प्राइवेसी और सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदार इस्तेमाल को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। सातवें और अंतिम सप्ताह में गांधी जयंती के अवसर पर ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में ‘साइबर मुक्त छत्तीसगढ़’ का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।
चौक-चौराहों से सोशल मीडिया तक चलेगा अभियान
अभियान के दौरान धमतरी पुलिस और स्थानीय थाना पुलिस की टीमें सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और प्रमुख चौक-चौराहों पर पोस्टर, बैनर और QR Code के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश देंगी। इसके अलावा पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और विभिन्न WhatsApp समूहों के जरिए जागरूकता सामग्री और अभियान की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी व्यक्तिगत, बैंकिंग और वित्तीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और किसी भी तरह की साइबर ठगी या संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि होने पर तत्काल संबंधित थाना या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें।
धमतरी में आयोजित कार्यक्रम में महापौर नगर निगम, जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, DFO, CEO जिला पंचायत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, SDM समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, स्कूली छात्र-छात्राएं, युवा और बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे। सभी ने सेल्फी लेकर साइबर जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
‘साइबर जागृति अभियान’ का समापन 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर होगा। इस दौरान साइबर अपराध से सुरक्षित और जागरूक समाज के निर्माण के लिए ‘साइबर मुक्त छत्तीसगढ़’ का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।

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