राजनीति
भखारा पुलिस की छत्रछाया में कचना बना अवैध कबाड़ का गढ़, रायपुर से आ रहे चोरी के वाहन!
पब्लिक स्वर,धमतरी/कचना। धमतरी जिले के कचना गांव में अवैध कबाड़ का काला कारोबार इन दिनों अपने शबाब पर है। रायपुर जैसे बड़े शहरों से चोरी और संदिग्ध माध्यमों से लाया गया माल कचना के अवैध कबाड़ डिपो में खपाया जा रहा है। आलम यह है कि रातों-रात बड़े-बड़े वाहनों और लोहे के भारी सामानों को गैस कटर से काटकर गाड़ियों में भरकर ठिकाने लगाया जा रहा है, और भखारा पुलिस मूकदर्शक बनी बैठी है।
भखारा थाना की "रहमोकरम" पर फल-फूल रहा काला साम्राज्य
कबाड़ के इस काले कारोबार में स्थानीय भखारा पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का सीधे तौर पर आरोप है कि भखारा थाना पुलिस के खुले संरक्षण और शह के चलते ही कबाड़ियों को कानून की कोई परवाह नहीं है। पुलिस की इस ढुलमुल नीति और कथित मिलीभगत से कबाड़ माफिया बेखौफ होकर अपना जाल फैला रहा है।
सामने कुछ और, पीछे चल रहा बड़ा खेल
कारोबारियों ने चालाकी का ऐसा ताना-बाना बुना है कि बाहरी लोगों को धोखा दिया जा सके। दुकान के सामने दिखाने के लिए महज कुछ मामूली सामान और प्लास्टिक रखा जाता है, जबकि पीछे भारी-भरकम गाड़ियों और अवैध माल की कटाई का रैकेट चल रहा है।
गांवों में बढ़ी चोरी की वारदातें, ग्रामीणों का जीना दुश्वार
कचना और भखारा थाना क्षेत्र के आसपास के ग्रामीण इलाकों में अवैध कबाड़ का यह खेल शुरू होने के बाद से चोरी की घटनाओं में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। किसानों के पंपसेट, बिजली के तार और घरों से सामान गायब हो रहे हैं। ग्रामीणों का साफ कहना है कि कबाड़ माफिया के कारण ही क्षेत्र में चोरों के हौसले बुलंद हैं, जिससे गांवों में दहशत का माहौल है। अब देखना यह होगा कि भखारा पुलिस पर लगे इन संगीन आरोपों के बाद जिला पुलिस प्रशासन इस "सिंडिकेट" पर कोई सख्त कार्रवाई करता है या खाकी की छत्रछाया में यह अवैध धंधा ऐसे ही फलता-फूलता रहेगा?