पब्लिक स्वर,बेमेतरा। बेमेतरा जिला चिकित्सालय के मातृ-शिशु अस्पताल में मरीजों को परोसी गई खिचड़ी में कीड़ा मिलने का मामला सामने आया है। घटना के बाद अस्पताल में दिए जाने वाले पौष्टिक आहार की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। मरीजों और उनके परिजनों ने भोजन की गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए मामले की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल में भर्ती मरीजों को बुधवार सुबह नाश्ते में खिचड़ी परोसी गई थी। इसी दौरान कुछ मरीजों ने खिचड़ी में कीड़े होने की शिकायत की। मरीज मोहन मानिकपुरी ने बताया कि जैसे ही उन्होंने खिचड़ी खाना शुरू किया, उसमें कीड़ा दिखाई दिया। इसके बाद उन्होंने भोजन करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि अन्य मरीजों की थालियों में भी कीड़े मिले, जिससे कई लोगों ने खिचड़ी फेंक दी और अस्पताल प्रबंधन से शिकायत की।
मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद तत्काल कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि अस्पताल में गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं और बच्चों को पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाना चाहिए, लेकिन इस तरह की लापरवाही मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।
परिजनों ने कहा कि सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है, ऐसे में अस्पताल में दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी जरूरी है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त व्यवस्था करने की मांग की।
इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. लोकेश साहू ने कहा कि अस्पताल में मरीजों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की निगरानी के लिए एक समिति गठित है, जिसके सदस्य प्रतिदिन भोजन का निरीक्षण करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि भोजन में कीड़ा मिलने की शिकायत सामने आई है तो मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी या जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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