पब्लिक स्वर,अभनपुर। ग्राम गोतियारडीह में बड़ी नहर किनारे स्थित शासकीय भूमि पर इन दिनों अवैध मुरूम खुदाई का खेल जोरों पर है। ग्रामीणों के अनुसार, यह खुदाई रात के अंधेरे में की जाती है ताकि गौण खनिज विभाग को भनक न लगे। वहीं, राजस्व विभाग और गौण खनिज विभाग की चुप्पी ने लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कई महीनों से नहर किनारे की जमीन से मुरूम निकाली जा रही है, जिससे नहर की मजबूती और संरचना पर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गौण खनिज विभाग की निगरानी और अनुमति के बिना यह खुदाई जारी है, और अधिकारी “आंख पर पट्टी बांधे बैठे है।"
रात में होती है अवैध खुदाई
ग्रामीणों ने बताया कि यह पूरा खेल रात के समय होता है। ट्रैक्टर और हाइवा वाहनों के माध्यम से मुरूम की ढुलाई गुपचुप तरीके से की जाती है। दिन में स्थल को सामान्य दिखाने के लिए खुदाई वाले हिस्से को मिट्टी से पाटा जाता है।
ग्रामीण ने बताया —
“हर रात ट्रैक्टर आते हैं, जेसीबी चलती है, और सुबह तक कई ट्रॉली मुरूम उठाकर ले जाई जाती है। हमने कई बार पटवारी और तहसील कार्यालय को सूचना दी, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।”
नहर को क्षति का खतरा
नहर किनारे खुदाई से जलस्रोत की संरचना कमजोर हो रही है। स्थानीय जल संसाधन विभाग के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यदि यह खुदाई जारी रही तो बरसात के मौसम में नहर टूटने और आसपास के खेतों में पानी भरने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि यदि गौण खनिज विभाग जल्द कार्रवाई नहीं करता, तो वे कलेक्टर कार्यालय रायपुर में प्रदर्शन करेंगे। गांव में लगातार हो रहे इस अवैध मुरूम उत्खनन से लोग नाराज हैं और गौण खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
> एक अन्य ग्रामीण ने कहा —
“यह सिर्फ मुरूम की चोरी नहीं, बल्कि शासकीय संपत्ति की खुली लूट है। बिना प्रस्ताव, बिना अनुमति, और बिना किसी राजस्व प्रविष्टि के यह काम हो रहा है।”
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, संबंधित क्षेत्र के पटवारी, राजस्व निरीक्षक और तहसील कार्यालय को इसकी जानकारी है, लेकिन अब तक न तो कोई जांच हुई और न ही कोई जब्ती कार्रवाई। लोगों का कहना है कि अधिकारियों की मिलीभगत से यह कारोबार फलफूल रहा है।
ग्रामीणों की मांग:1 .अवैध मुरूम खुदाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।
2.जिम्मेदार अधिकारियों पर जांच और कार्रवाई हो।
3.शासकीय भूमि का सीमांकन कर सुरक्षा दीवार बनाई जाए।

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